‘महर्षि अध्‍यात्‍म विश्‍वविद्यालय’ द्वारा संग्रहित अमूल्‍य वस्‍तुओं को संरक्षित करने हेतु तथा भव्‍य संग्रहालय (म्‍यूजियम) बनाने हेतु सहायता करें !

वस्तुओं का संग्रह करने हेतु ‘क्युरेटर’ (वस्तु संग्रहालय में विद्यमान वस्तुओं का ध्यान रखनेवाला, जिसके संदर्भ में विशिष्ट शिक्षा दी जाती है), वस्तु संग्रहालय विशेषज्ञ (‘म्युजियोलॉजिस्ट’) आदि से निम्नांकित सहायता की आवश्यकता है ।

मालाड (मुंबई) के नाडी प्रशिक्षक आचार्य वैद्य संजय छाजेड द्वारा रामनाथी (गोवा) आश्रम का अवलोकन

वर्ष १९८७ में वैद्य संजय छाजेड ने पुणे विश्वविद्यालय की आयुर्वेदाचार्य परीक्षा में प्रथम क्रम से उत्तीर्ण होकर सुवर्णपदक प्राप्त किया ।

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होनेतक धर्मसेवा करेंगे ! – सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी, सनातन संस्था

हिन्दुओं को हिन्दू राष्ट्र स्थापना की दिशा मिले; इस उद्देश्य से तीर्थस्थान शनिशिंगणापुर में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ४ जनवरी को २ दिवसीय प्रांतीय हिन्दू अधिवेशन का आरंभ हुआ ।

जीवन में आनेवाली समस्याओं के समाधान हेतु स्वभावदोष निर्मूलन उपयुक्त ! – श्रीमती विद्या जाखोटिया, सनातन संस्था

मनुष्य जीवन के प्रत्येक चरणपर बाधाएं आती हैं । इनमें से अनेक बाधाएं हमारे स्वभावदोषों के कारण भी आती हैं । अतः हमने हमारे दोष दूर किए, तो इन समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में प्रत्यंगिरा याग संपन्न !

हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में उत्पन्न सभी आध्यात्मिक बाधाएं दूर हों, परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का महामृत्युयोग टले और सभी साधकों के आध्यात्मिक कष्ट दूर हों; इसके लिए यहां के सनातन आश्रम में ३० दिसंबर २०१९ को दूसरा प्रत्यंगिरा याग संपन्न हुआ ।

देवतातत्त्व आकृष्‍ट करनेवाली सात्त्विक रंगोलियां एवं सात्त्विक चित्रों में देवताओं के यंत्र की भांति सकारात्‍मक ऊर्जा (चैतन्‍य) होना

महर्षि अध्‍यात्‍म विश्‍वविद्यालय’ द्वारा ‘यूनिवर्सल ऑरा स्‍कैनर (यूएएस)’ उपकरण के माध्‍यम से किया गया देवता का यंत्र, देवताआें के सात्त्विक चित्र और सात्त्विक रंगोली का वैज्ञानिक परीक्षण

कलियुग में गुरुकृपायोगानुसार साधना करने से आनंदित रहने के साथ ही तीव्रगति से आध्यात्मिक उन्नति संभव ! – राजाराम रेपाळ, सनातन संस्था

२७ दिसंबर को  हिन्दकेसरी मारुति माने की जयंती के उपलक्ष्य में उनकी स्मृतिवाटिका में कवठेसप्तर्षि (कवठेपिरान) (जनपद सांगली, महाराष्ट्र) में ‘आनंदित जीवन हेतु अध्यात्म तथा साधना का महत्त्व’ विषयपर प्रवचन आयोजित किया गया था ।

पाश्‍चात्त्य संस्कृति अपनाने से व्यसनाधीन बने भारतीय !

व्यसनी व्यक्ति तथा अपने परिवार और समाज में अपना स्थान-सम्मान गंवाता है । उससे उसे सामाजिक संपर्क अच्छा नहीं लगता । अकेलापन और समाज से विभाजित होना उसे अधिक तनावपूर्ण बनाता है ।

वणी(जनपद नासिक, महाराष्ट्र) के श्री सप्तश्रृंगीदेवी के गर्भगृह की पवित्रता बनाए रखने हेतु दर्शनार्थियोंपर बंधन

साढेतीन शक्तिपीठों में से एक और अनेक लोगों की कुलदेवता श्रीक्षेत्र सप्तश्रृंग गढपर स्थित श्री सप्तश्रृंगीदेवी के मंदिर के गर्भगृह की पवित्रता को बनाए रखने हेतु मंदिर न्यास की ओर से दर्शनार्थी और श्रद्धालुओंपर कुछ बंधन डालने का प्रशंसनीय निर्णय लिया गया है ।

संकेतस्थल ‘सनातन डॉट ऑर्ग’के माध्यम से नवंबर २०१९ में संपन्न सनातन संस्था का अध्यात्मप्रसार का कार्य !

संकेतस्थल ‘सनातन डॉट ऑर्ग’के माध्यम से नवंबर २०१९ में संपन्न सनातन संस्था का अध्यात्मप्रसार का कार्य !