प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडीत गणपति भट द्वारा महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय के फोंडा, गोवा के शोध विभाग का अवलोकन !

‘८.१२.२०१९ को विदुषी गंगूबाई हनगल गुरुकुल, हुब्बळ्ळी’ के संगीत गुरु तथा प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडीत गणपति भट ने फोंडा, गोवा स्थित महर्षि अध्यात्म विश्‍वभविद्यालय के शोधकार्य विभाग का अवलोकन किया ।

स्वभावपर औषधि है स्वभावदोष निर्मूलन प्रक्रिया ! – श्रीमती धनश्री केळशीकर, सनातन संस्था

कलियुग में स्वभावदोष निर्मूलन प्रक्रिया अपनाए बिना आनंदमय जीवन व्यतीत करना संभव ही नहीं है ।

कलाकारों का कला की ओर देखने का दृष्‍टिकोण, उसके दुष्‍परिणाम और ‘संगीत के माध्‍यम से साधना’ करने की आवश्‍यकता समझ में आना !

‘कला ईश्‍वर की देन है । कला के माध्‍यम से साधना कर ईश्‍वरप्राप्‍ति की जा सकती है ।

हिन्दू संस्कृति का वैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन करें ! – श्रीमती वैशाली परांजपे, सनातन संस्था

छोटे-छोटे कृत्यों के माध्यम से धर्माचरण कर हम हमारा धर्म और संस्कृति को बढावा दे सकते हैं । सनातन संस्था की श्रीमती वैशाली परांजपे ने ऐसा प्रतिपादित किया ।

देशद्रोहियों का ‘जे.एन्.यू.’ अड्डा !

भारत के टुकडे होने का (दिवा)स्वप्न देखनेवाले, भारतीय सैनिकों के हाथों आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहानेवाले तथा शहरी नक्सलवादियों को बल प्रदान करनेवाले, हिंसक मानसिकता के साम्यवादी विद्यार्थियों पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आक्रमण हुआ ।

सर्दियों में होनेवाले विकारों की सरल चिकित्सा

‘सर्दियों में ऋतु के अनुसार ठंड और सूखापन बढता है और उनका उचित प्रतिकार न करने से विविध विकार होते हैं । इनमें से अधिकांश विकारोंपर तेल का उचित उपयोग करना और सेंकना, इन चिकित्साओं का प्रभावशाली नियंत्रण किया जा सकता है ।

गौरी लंकेश हत्या प्रकरण का सनातन संस्था से कोई संबंध नहीं ! – श्री. चेतन राजहंस, प्रवक्ता, सनातन संस्था

सनातन संस्था अध्यात्मप्रसार का कार्य करती है । सनातन संस्था का किसी भी हत्या प्रकरण से दूर-दूर तक भी संबंध नहीं है ।

पुणे में ‘आनंदमय जीवन हेतु अध्यात्म’ विषयपर प्रवचन का पाठक एवं जिज्ञासुओं द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

सनातन संस्था की ओर से सोमवार पेठ स्थित काळाराम मंदिर में ‘आनंदमय जीवन हेतु अध्यात्म’ विषयपर आयोजित प्रवचन का जिज्ञासुओं द्वारा उत्स्पूर्त प्रत्युत्तर प्राप्त हुआ ।

‘महर्षि अध्‍यात्‍म विश्‍वविद्यालय’ द्वारा संग्रहित अमूल्‍य वस्‍तुओं को संरक्षित करने हेतु तथा भव्‍य संग्रहालय (म्‍यूजियम) बनाने हेतु सहायता करें !

वस्तुओं का संग्रह करने हेतु ‘क्युरेटर’ (वस्तु संग्रहालय में विद्यमान वस्तुओं का ध्यान रखनेवाला, जिसके संदर्भ में विशिष्ट शिक्षा दी जाती है), वस्तु संग्रहालय विशेषज्ञ (‘म्युजियोलॉजिस्ट’) आदि से निम्नांकित सहायता की आवश्यकता है ।

मालाड (मुंबई) के नाडी प्रशिक्षक आचार्य वैद्य संजय छाजेड द्वारा रामनाथी (गोवा) आश्रम का अवलोकन

वर्ष १९८७ में वैद्य संजय छाजेड ने पुणे विश्वविद्यालय की आयुर्वेदाचार्य परीक्षा में प्रथम क्रम से उत्तीर्ण होकर सुवर्णपदक प्राप्त किया ।