चेन्नई के पुस्तक मेले में सनातन संस्था की ग्रंथप्रदर्शनी का पाठकों द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

चेन्नई के वाई.एम्.सी.ए. में ९ जनवरी से २१ जनवरी २०२० की अवधि में आयोजित ४३वें पुस्तक मेले में सनातन संस्था की ग्रंथप्रदर्शनी आयोजित की गई थी ।

नासिक की ज्योतिष एवं वास्तु तज्ञ श्रीमती शुभांगिनी पांगारकर, श्रीमती वसुंधरा संतान एवं श्रीमती स्मिता मुले द्वारा रामनाथी के सनातन आश्रम का अवलोकन।

नासिक की ‘आयादी ज्योतिष वास्तु’ संस्था की निदेशक श्रीमती शुभांगिनी पांगारकर, ‘समर्थ ज्योतिष वास्तु’ संस्था की निदेशक श्रीमती वसुंधरा संतान एवं ‘स्वस्तिक ज्योतिष वास्तु’ संस्था की निदेशक श्रीमती स्मिता मुले ने ७ फरवरी को सनातन आश्रम का अवलोकन किया ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में संकल्पित ५ प्रत्यंगिरा याग पूर्ण !

हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों, परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का महामृत्युयोग टले और सभी साधकों के आध्यात्मिक कष्ट दूर हो; इसके लिए यहां के सनातन आश्रम में १४ जनवरी को चौथा और ७ फरवरी को ५वां प्रत्यंगिरा याग संपन्न हुआ ।

गुरुकृपायोग के अनुसार साधना करने से तीव्रगति से आध्यात्मिक उन्नति होती है ! – सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडयेजी, सनातन संस्था

५ फरवरी को सनातन संस्था की ओर से ‘आनंदमय जीवन हेतु साधना’ विषयपर खरे मंगल कार्यालय कोल्हापुर में प्रवचन का आयोजन किया था ।

शरीर के पोषण हेतु ‘मक्खन’!

शरीर में प्रवेशित माखन प्रतिदिन नई और तरुण धातुओं की उत्पत्ति कर शरीर की सुंदरता बढाता है; इसलिए उसे नवनीत कहा जाता है ।

सनातन संस्था की पू. सुरजकांता मेनरायजी (आयु ७७ वर्ष) का देहत्याग

सनातन संस्था की ४५ वीं समष्टि संत पू. (श्रीमती) सूरजकांता मेनराय ने माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी (शनिवार, १ फरवरी) को प्रातः १०.५० बजे देहली के एक चिकित्सालय में देहत्याग किया ।

सनातन संस्था के ४०वें संत पू. गुरुनाथ दाभोलकरजी (आयु ७९ वर्ष) की साधनायात्रा !

जब से मुझे साधना समझ में आई, तब से मैं आने-जानेवाले लोगों को नामजप करने के लिए बताने लगा ।

भक्तोंपर अखंड कृपाछत्र रखनेवाले प.पू. भक्तराज महाराज !

  अनुक्रमणिका१. त्रैलोक्य के योगीराज अवतरित हुए धरतीपर ।२. संत भक्तराज महाराज द्वारा शिष्यावस्था में तडप के साथ की गई गुरुसेवा३. संत भक्तराज महाराज के जीवन की त्रिसूत्री : भजन, भ्रमण एवं भंडारा !३ अ. भजन३ आ. भ्रमण३ इ. भंडारा४. भक्तों से समरस संत भक्तराज महाराज !५. माया में होते हुए भी वैराग्‍यभाव में रहनेवाले … Read more