श्रीलंका के पंच ईश्‍वर मंदिरों में से केतीश्‍वरम मंदिर !

श्रीलंका के पंचशिव क्षेत्रों में ‘केतीशवरम’ विख्यात है । यह उत्तर श्रीलंका के मन्नार जनपद के मन्नार नगर से १० कि. मी. की दूरी पर है ।

श्रीलंका के हिन्दुओं के सबसे बडे मुन्नीश्‍वरम मंदिर का शिवलिंग एवं मानावरी में बालु से बना शिवलिंग !

मुन्नीश्वरम ग्राम श्रीलंका के पुत्तलम जनपद में है । तमिल में ‘मुन्न’ अर्थात ‘आदि’, तथा ‘ईश्वर’ अर्थात ‘शिव’ ।

जीवन में आनंद प्राप्त करने हेतु साधना करना आवश्यक ! – श्रीमती धनश्री केळशीकर, सनातन संस्था

सत्संग, सत्सेवा, त्याग, प्रेमभाव इस चरणबद्ध प्रक्रिया से साधना करने से हम अपने जीवन में आनंद का अनुभव कर सकते हैं । सनातन संस्था की श्रीमती धनश्री केळशीकर ने यह मार्गदर्शन किया ।

सुसंस्कृत समाज बनाने हेतु एकत्रित परिवारपद्धति आवश्यक ! – श्रीमती संपदा पाटणकर, सनातन संस्था

सुसंस्कृत समाज बनाने हेतु एकत्रित परिवारपद्धति आवश्यक है, यह उद्बोधन सनातन संस्था की साधिका तथा संस्कृत शिक्षिका श्रीमती संपदा अमित पाटणकर ने किया ।

लौकी और कडवी लौकी के औषधीय उपयोग

लौकी एक उपयुक्त सब्जी है । लौकी का रस का सेवन कर वजन कम करें’, यह सुनकर आजकल वजन कम करने के लिए लोग ऐसा कर रहे हैं; परंतु सभी को वैसा करना योग्य नहीं ।

ऋषिकेश (उत्तराखंड) के श्री. गौरीशंकर मोहता, श्री. देवकिशन मोहता एवं उदयपुर (राजस्‍थान) के डॉ. कमल मेहरा द्वारा रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम का अवलोकन !

ऋषिकेश (उत्तराखंड) के गीता भवन के व्‍यवस्‍थापक श्री. गौरी शंकर मोहता, उनके भाई श्री. देवकिशन मोहता एवं उदयपुर, राजस्‍थान के डॉ. कमल मेहरा ने हाल ही में रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम का अवलोकन किया ।

प्राचीन काल की लकडी से मूर्ति बनाने की अध्यात्मशास्त्रीय पद्धति

‘भारत को ऋषि-मुनियों की महान परंपरा प्राप्त है । ऋषि-मुनियों द्वारा लिखे गए वेद, उपनिषद, पुराण इत्यादि मनुष्य को सर्वांगीण ज्ञान प्रदान करते हैं ।

सनातन संस्था के साधक वानरसेना की भांति प्रभु श्रीरामचंद्रजी का ही कार्य कर रहे हैं ! – श्री श्री १०८ हनुमानदासजी महाराज टाटंबरी, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के श्री श्री १०८ हनुमानदासजी महाराज, टाटंबरी ने हाल ही में सनातन संस्था के सेवाकेंद्र का अवलोकन किया ।