बहुपयोगी टमाटर

टमाटर भोजन का एक अभिन्न पदार्थ है । घर के पिछवाडे में गमले भी उसकी बोआई की जा सकती है । टमाटर की जो एक देसी प्रजाति है, उसे ‘चिंगली टमाटर’ कहा जाता है । वह अधिक स्वादिष्ट होती है और उससे हमारे शरीर का आवश्यक पोषक घटक भी मिलते हैं ।

 

१. टमाटर का सूप अथवा सांबर बनाने की पद्धति

आधे लोटे पानी में ४-५ टमाटर पका लें । उनके अच्छे पक जानेपर उनकी छाल और बीजों को निकालकर उन्हें कूट लें । एक चम्मच गर्म घी में पाव चम्मच जीरे का बघार डालें । उसके अदरक का एक छोटा टुकडा रौंदकर डालें । उसके पश्‍चात कूटे हुए टमाटर और टमाटर पकाने हेतु उपयोगित शेष पानी मिलाएं । आवश्यकता होनेपर अधिक पानी डालें । स्वाद के अनुसार नमक और चीनी मिलाएं । अच्छे उबलनेपर टमाटर का सांबर बनता है । उसमें काटी हुई गीली धनिया मिलाकर गर्म होते समय ही उसे पीएं । देसी चिंगले टमाटर का उपयोग करनेपर अच्छा सांबर बनता है । इसी प्रकार से इमली और आमसुल का सांबर बनाया जाता है ।

 

२. टमाटर के औषधी उपयोग

२ अ. मुंह को स्वाद न होना और भूख न लगना

टमाटर को छालसहित मिक्सर में कूटकर उसमें दिन में ३ चम्मच टमाटर का रस २ बार पीएं । उसमें स्वाद के अनुसार नमक और जीरा डालना अच्छा होता है । ढाबेपर जो ग्रेवी बनाई जाती है, उसमें टमाटर, प्याज, खोपरा, काजू आदि मिलाते हैं । टमाटर के कारण इस ग्रेवी को अच्छा स्वाद प्राप्त होता है ।

२ आ. खाने की इच्छा न होना

जब खाने से रस, रक्त आदि शरीरघटक नहीं बनते, तब ये लक्षण प्रतीत होते हैं । ऐसे समय रोगी को टमाटर का रस पीने के लिए कहें ।

२ इ. रक्तदुष्टि

वात, पित्त आदि दोषों के कारण रक्त दूषित हुआ है, इसे पहचानने के कुछ लक्षण हैं, जिन में शरीर सदैव गर्म रहना, मसुढों से रक्त आना, शरीर की आग होना, शरीरपर फोडें आना, शरीर गर्म होकर अल्प बुखार आना जैसे लक्षण दिखनेपर टमाटर का सूप पीएं अथवा बीच-बीच में टमाटर खाएं; किंतु प्रतिदिन टमाटर खाना टालें । ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’ अर्थात किसी भी बात को एक निहित सीमा से अधिक करना टालना चाहिए’, इस नियम को ध्यान में रखें ।

२ ई. बुखार

बुखार में ‘प्यास लगना अथवा मुंह सदैव सूखना’, इस लक्षण में टमाटर काटकर खाएं । उसके कारण प्यास न्यून होकर बुखार उतरने में सहायता मिलती है । बुखार में टमाटर का सांबर भी उपयोगी होता है ।

२ उ. शक्तिहीनता प्रतीत होना

बीमार दूर होने के पश्‍चात कभी-कभी शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा न्यून होती है । ऐसे लोगों के लिए टमाटर का सांबर लाभदायक होता है ।

 

३. विशेष

जिन्हें पथरी का विकार होता है, ऐसे लोगों को टमाटर के बीज नहीं खाने चाहिएं ।

– वैद्य विलास जगन्नाथ शिंदे, जिजाई आयुर्वेद चिकित्सालय, खालापुर, रायगढ