
देहली – सनातन संस्था की ४५ वीं समष्टि संत पू. (श्रीमती) सूरजकांता मेनराय ने माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी (शनिवार, १ फरवरी) को प्रातः १०.५० बजे देहली के एक चिकित्सालय में देहत्याग किया । उन्हें हृदयाघात हुआ था । वे मूलतः फरीदाबाद (हरियाणा) की निवासी और ७७ वर्ष की थीं । वर्ष २०१९ में उनका आध्यात्मिक स्तर ७६ प्रतिशत था ।
पू. (श्रीमती) मेनराय अखंड नामजप करती थीं । उनमें, सदैव दूसरों का विचार करना, साधना की तीव्र लगन, विनम्रता आदि अनेक दैवी गुणों का संगम था । उनका स्मरण होते ही ‘प्रेम’ शब्द का स्मरण होता था । उनका भाव होता था कि ‘साधक परात्पर गुरुदेव के ही रूप हैं’ ।
पू. (श्रीमती) मेनराय के पश्चात उनके परिवार में पति एवं सनातन संस्था के ४६ वे संत पू. भगवंतकुमार मेनराय; श्रीमती मुक्ता कालरा, सनातन संस्था की पूर्णकालिक साधिका कु. संगीता मेनराय, श्रीमती ज्योति ल्याओ तथा ये ३ बेटियां, दामाद और अनेक नाती हैं । १ फरवरी को सायं ५.३० बजे पू. (श्रीमती) मेनरायदादी के नाती श्री. हर्षित कालरा ने उनका अग्निसंस्कार किया ।
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