गीर की गायों के मूत्र में मिला सोना, संशोधकोंने कहा, गोमूत्र से हो सकता है कई बीमारियों का उपचार !

इस समाचार से गोमाता का कितना महत्व है यह ध्यान में आता है ! अब सरकारने गोरक्षा के लिए सक्त कानून बनाकर गोसंवर्धन करना चाहिए, ऐसी हिन्दुओंकी अपेक्षा है – सम्पादक मुंबई – गुजरात के गीर की गायों के मूत्र में सोना मिला है। चार वर्ष के संशोधन के बाद, जूनागढ कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों … Read more

आगामी आपातकाल की संजीवनी : सनातन की ग्रंथमाला !

आगामी महायुद्धकाल में चिकित्सा-सुविधाएं दुर्लभ होंगी, तब इस ग्रंथमाला का महत्त्व समझ में आएगा ! समाज की सहायता हेतु आगामी आपातकाल की संजीवनी का प्रचार अत्यावश्यक !

चरकसंहिता में गोमांस निषिद्ध ही है !

वैज्ञानिक पी.एम. भार्गव द्वारा गोमांस के विषय में किए गए वक्तव्य का प्रतिवाद वैज्ञानिक (?) पी.एम. भार्गव द्वारा किया गया वक्तव्य कि आयुर्वेद के अनुसार गोमांस अनेक व्याधियों पर समाधान !, यह वक्तव्य अर्धसत्य है । चरकसंहिता में गोमांस के गुणधर्म बताए गए हैं । १. प्राचीन समय में आयुर्वेद का अध्ययन करने से पूर्व … Read more

ईश्‍वरीय चैतन्य से सर्व देह चैतन्यमय बनाने के लिए पू. राजेंद्र शिंदेजी ने दी एक अभिनव उपचारपद्धति !

१. मानस सर्व देहशुद्धि का अभिप्रेत अर्थ यहां सर्व देहशुद्धि, अर्थात स्थूलदेहसहित मनोदेह (मन), कारणदेह (बुद्धि) और महाकारणदेह (अहं) इन सूक्ष्मदेहों की शुद्धि । २. मानस सर्व देहशुद्धि का अध्यात्मशास्त्रीय आधार २ अ. संतों के संकल्प से लाभ ! यह मानस सर्व देहशुद्धि साधना-पद्धति सनातन के छठे संत पू. राजेंद्र शिंदेजी ने बताई है । … Read more

मुद्रा

मानवकी प्रत्येक क्रियासे उसके शरीर अथवा अवयवोंसे कोई-न-कोई आकार बनता है । उसी कार, हाथकी उंगलियोंका परस्पर स्पर्श होनेपर अथवा उन्हें विशेष प्रकारसे जोडनेपर अलग-अलग  प्रकारकी आकृतियां बनती हैं, इन आकृतियोंको मुद्रा कहते हैं ।

न्यास

हाथकी उंगलियोंसे विशिष्ट मुद्रा बनाकर उसे शरीरके कुण्डलिनीचक्रों अथवा अन्य किसी भागके पास रखनेकी क्रियाको न्यास कहते
हैं । यह न्यास शरीरसे १ – २ सें.मी. दूरसे करें । 

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