आकाश में बिजली कडक रही हो, तो निम्नांकित सावधानियां बरतकर सुरक्षित रहें !

१. महत्त्वपूर्ण सूचनाएं

अ. बिजली गिरने पर इमारत को हानि न पहुंचे और न ही प्राणहानि हो; इसके लिए प्रत्येक इमारत पर बिजली निवारक (लाईटनिंग एरेस्टर) तंत्र स्थापित करना अनिवार्य है । अपनी इमारत पर बिजली निवारण तंत्र स्थापित की गई है न, इसकी आश्‍वस्तता करें ।

आ. घर की गीली दीवारें, धातु के फर्नीचर आदि बिजली के वाहक होते हैं । घर के बाहर बिजली गिरने से घर के गीलेपन से संकट उत्पन्न हो सकता है; इसलिए वर्षाऋतु से पहले घर की दीवारों की नमी सुखा लें और भविष्य में पुनः नमी न आए; इसके लिए निर्माण विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेकर आवश्यक सुधार करें ।

इ. तार के विद्युत-वाहक होने से घर, खेत, वाटिका आदि के आसपास संभवतः तार का घेरा न बनाएं । पहले से घेरा बना हुआ हो, तो उसके कारण हानि न पहुंचे; इसके लिए उसका अर्थिंग ठीक से करें ।

ई. अपनी इमारत या घर के बाहर सडकों से हाई टेंशन तार गुजरते हों और बाजू में पेड हों, तो वर्षा अथवा जोरों की हवा चलने पर तार पर पेड गिरने से प्राणहानि हो सकती है । इसलिए स्थानीय बिजली विभाग से संपर्क कर बिजली के तार के निकट स्थित पेड की शाखाएं काटने के लिए कहें ।

उ. किसी भी बिजली के तार के नीचे खडे न रहें, साथ ही ऐसे स्थानों पर चलितभाष पर बातें न करें । उसके नीचे पशु नहीं खडे हों, इसकी ओर ध्यान दें । बिजली के तारों से चिनगारियां (स्पार्किंग होती हो) निकलती हों, तो बिजली विभाग को तुरंत इसकी जानकारी दें ।

ऊ. बिजली के खंभे, बिजली के तार, साथ ही पेड के नीचे दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन खडे किए गए हों, तो चक्रवात के कारण उन पर खंभे और पेड गिरने से बडी हानि हो सकती है । अतः वहां वाहन खडे करना अथवा उन्हें चलाते हुए जाना जैसे कृत्य न करें ।

ए. वर्षाऋतु में अनिश्‍चित अवधि के लिए बिजली की आपूर्ति ठप्प हो सकती है । इसलिए घर में दीप, मोमबत्तियां, टॉर्च, लालटेन आदि का प्रबंध करें ।

ऐ. प्रशासन की ओर से समय-समय पर मौसम से संबंधित प्रसारित की जानेवाली सूचनाओं का पालन करें । उनकी अनदेखी न करें ।

 

२. बिजली चमकते समय घर पर होने से कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ?

अ. घर से बाहर न निकलें, साथ ही छज्जे में न जाएं ।

आ. घर से बाहर न निकलें, छज्जा और टीन के शेडवाले क्षेत्र में न जाएं । आसपास के घरों की छत, साथ ही वस्तुएं हवा से उडकर हानि पहुंचा सकती हैं ।

इ. खिडकियां व दरवाजे ठीक से बंद कर लें । हवा की गति के कारण दरवाजे अपनेआप न खुल पाएं; इसके लिए अंदर से भारी वस्तुएं लगाकर रखी जा सकती हैं ।

ई. खिडकी के कांच टूटकर चोट लग सकती है । उसके कारण खिडकी के पास रुकना, सोना आदि टालें ।

उ. घर के बिजली प्रवाह का मुख्य बटन (मेन स्विच) बंद कर बिजली का प्रवाह बंद करें । सॉकेट से दूरचित्रवाणी संच, मिक्सर आदि उपकरणों की पिन (प्लग) निकालकर रखें ।

ऊ. इस समय उद्वाहक यंत्र (लिफ्ट), वातानुकूलन यंत्र (एसी), हेयर ड्रायर आदि का उपयोग न करें । फ्रिज स्पर्श करना टालें ।

ए. कभी-कभी संकटकालीन स्थिति में अफवाहें फैलाई जाती हैं; इसलिए किसी भी अफवाह पर विश्‍वास न करें । शासन द्वारा आधिकारिक रूप से प्रसारित जानकारी पर ही विश्‍वास करें ।

 

३. घर से बाहर होने के समय बरतनी आवश्यक सावधानियां

अ. खुले आकाश के नीचे (उदा. मैदान, समुद्रतट आदि), साथ ही बिजली के खंभे, मोबाईल टॉवर, दलदलवाले स्थान, पानी की टंकी, टीन का शेड आदि स्थानों पर न रुकें ।

आ. दोपहिया वाहन तथा ट्रैक्टर चलाते समय अथवा नौका से जाते समय तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें । चारपहिया वाहन से यात्रा करते समय सुरक्षित स्थान पर रुककर वाहन में ही बैठे रहें ।

इ. पेड और बिजली के खंभे से दूर सुरक्षित स्थान पर दोपहिया या चारपहिया वाहन खडे करें । चारपहिया वाहनों के दरवाजे और खिडकियां ठीक से बंद होने की आश्‍वस्तता करें । उनके पहियों के नीचे पत्थर के वजनी गतिरोधक लगाएं, क्योंकि चक्रवाती हवा की गति से वाहन के इधर-उधर जाने की संभावना होती है ।

ई. पेडों की ओर आकाशीय बिजली आकर्षित होती है; इसलिए किसी भी पेड के नीचे न रुकें । बिजली की लपट भूमि की अपेक्षा ऊंचे स्थानों पर अधिक मात्रा में आकर्षित होती है; इससे ऐसे स्थानों पर प्राणों का संकट होता है ।

उ. वर्षा हो रही हो और उससे सर्वत्र गीलापन हुआ हो, तो ऐसे समय किसी भी बिजली के खंभे को स्पर्श न करें; क्योंकि नमी के कारण बिजली का झटका (शॉक) लग सकता है ।

ऊ. सडक पर गिरे हुए पेडों का स्पर्श न करें; क्योंकि ऐसे पेडों पर बिजली के तार गिरे होने की संभावना होती है ।

ए. पानी बिजली का वाहक होने से पानी के स्रोतों से दूर रहें ।

ऐ. खेत में अथवा पानी में काम कर रहे व्यक्ति तत्काल सूखे और सुरक्षित स्थान पर जाएं ।

ओ. बिजली से चलनेवाले यंत्र, साथ ही धातु से बनी वस्तुएं बिजली के वाहक होने से उनका उपयोग न करें । ऐसे समय में धातु के तारवाले छाते का उपयोग करना भी टालें ।

 

४. बिजली चमकना बंद होने पर करने आवश्यक कृत्य

अ. वातावरण सामान्य होनेतक घर से बाहर न निकलें ।

आ. चक्रवात और वर्षा के कारण परिसर में पेड गिरे हों अथवा बिजली के तार टूटे हों, तो उन्हें स्पर्श न करें । इस संदर्भ में दमकल विभाग और बिजली विभाग को तुरंत सूचित करें ।

इ. घर के गैस सिलिंडर से गैस का रिसाव होता हो, तो बिजली के प्रवाह का मुख्य बटन (मेन स्विच) बंद करें । सिलिंडर बहती हवा के संपर्क में रहे, उदा. छज्जे में) रखें । घर में गैस की गंध फैली हो, तो बिजली का बटन न दबाएं ।

ई. वाहन, बिजली के उपकरण, साथ ही घर में स्थित सामग्री नई हो साथ में उनका बीमा (इंश्योरेंस) कराया गया हो और प्राकृतिक आपदा से उन्हें पहुंची हुई हानि की भरपाई मिलनेवाली हो, तो ऐसी स्थिति में बीमा प्रतिनिधि का मार्गदर्शन लें । हानि पहुंची हुई वस्तुओं को समेटने से पहले उनके छायाचित्र खींचे और उनका पंचनामा करवाएं ।

आपदाओं के समय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के (National Disaster Management Authority के) हेल्पलाइन क्रमांक ०११-१०७८ से संपर्क कर मार्गदर्शन लिया जा सकता है ।

 

पाठकों को आवाहन !

चक्रवात की दृष्टि से यहां कुछ मार्गदर्शक सूत्र दिए गए हैं । इसके परिप्रेक्ष्य में पाठकों से अनुरोध है कि उन्हें कुछ सूत्र सुझाने हों, तो वे उन्हें निम्नांकित संगणकीय अथवा डाक पते पर भेजें ! इससे समाज के सामने व्यापक दृष्टि से विषय रखने में सहायता होगी ।

संगणकीय पता : [email protected]

डाक के लिए पता : श्रीमती भाग्यश्री सावंत, द्वारा सनातन आश्रम, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा – ४०३४०१

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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