यदि आप एन्‍टीबायोटिक औषध ले रहे हैं, तो एक बार विचार अवश्‍य करें !

एंटीबायोटिक अथवा प्रतिजैविक का अर्थ है, बैक्‍टीरिया (जीवाणु) मारनेवाली अथवा उसे कमजोर करनेवाली औषध ।

भूमि खरीद और ठेकेदार से घर का निर्माण करवाते समय संभावित धोखाधडी टालने हेतु कानूनी बातों की आपूर्ति करें !

अनेक बार हम खाली भूमि खरीदते हैं अथवा खाली भूमि पर निर्माणकार्य करते हैं । सर्वप्रथम आपातकाल की दृष्टि से निर्माणकार्य के लिए भूमि का चुनाव करते समय उसके सभी मापदंडों की पडताल करें ।

भार उठाने की योग्य पद्धतियां !

दैनिक काम करते समय अथवा कहीं बाहर जाते समय हमें अनेक प्रकार के भार उठाने पडते हैं । उन्हें उठाने में हमारे शरीर पर जाने-अनजाने तनाव आता है । अयोग्य पद्धति से भार उठाने से शरीर की हानि हो सकती है ।

बडे शहरों में असुरक्षित वातावरण के साथ-साथ वहां के रज-तम के बढते प्रभुत्व का कारण अपने परिवार के साथ किसी गांव अथवा तालुका में स्थानांतरित होने का विचार करें और वैसी व्यवस्था करें !

वर्तमान में, भारत और साथ ही अन्य प्रमुख शहरों में महानगरों की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है । वहां बढती महामारी सभी के लिए चिंता का विषय बन गई है ।

‘बाढ का पानी घटने के पश्‍चात बरतनी आवश्यक सावधानियों’ के संदर्भ में मार्गदर्शक सूत्र : भाग ५

बहते पानी में पैदल चलते न जाएं । पानी में जाना आवश्यक हो, तो जहां बहता पानी नहीं है, ऐसे स्थान से पैदल चलें । जहां हम कदम रखनेवाले हैं, वहां की भूमि मजबूत होने की आश्वस्तता करने हेतु लाठी का उपयोग करें ।

जलप्रलय की दृष्टि सेे भौतिक स्तर पर क्या पूर्व तैयारी करनी चाहिए ? : भाग ४ 

वर्ष २०१९ में महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों के कुछ शहरों में भीषण बाढ आने पर योग्य कृत्य करने का ज्ञान न होने के कारण अनेक नागरिक भ्रमित हो गए थे । ऐसे अवसर पर नागरिकों द्वारा अयोग्य कृत्य करने अथवा निर्णय लिए जाने की संभावना होती है ।

आपातकालमें जीवनरक्षा हेतु आवश्यक तैयारी : भाग – १०

पारिवारिक स्तर पर विचार करते समय घर के विषय में, आर्थिक स्तर पर विचार करते समय संपत्ति के विषय में तथा सामाजिक दायित्व के अंतर्गत समाज के लिए हम क्या कर सकते हैं, इस विषय में जानकारी दी गई है ।

जलप्रलय की दृष्टि सेे भौतिक स्तर पर क्या पूर्व तैयारी करनी चाहिए ? : भाग ३ 

‘बाढपीडित क्षेत्र के नागरिकों को किस प्रकार से पूर्व तैयारी करनी चाहिए ?’, इस संदर्भ के मार्गदर्शक सूत्र आगे दिए हैं ।

आपातकालमें जीवनरक्षा हेतु आवश्यक तैयारी : भाग – ९

बाढ, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में यातायात ठप रहता है । इससे अन्य वस्तुओं के साथ-साथ औषधियां मिलना भी कठिन हो जाता है ।