भक्ति – भाव वृद्धिंगत करनेवाले, हनुमानजी के कुछ पराक्रमों का स्मरण !

बुद्धिजीवियो, आपके सामने केवल २ ही विकल्प हैं, एक तो आप हनुमानजी की भांति न्यूनतम एक पराक्रम करने के लिए सिद्ध हो जाएं अथवा हनुमानजी के निम्न अतुलनीय पराक्रमों को स्वीकार कर अपनी हार स्वीकार करें !

नटराज

एक पारम्पारिक धारणा यह है कि नटराज के रूप में शिवजी ने ही नाट्यकला को प्रेरित किया है । लोगों की यह धारणा है कि वे ही आद्य (प्रथम) नट हैं, इसीलिए उन्हें नटराज की उपाधि दी गई । ‘ब्रह्मांड नटराज की नृत्यशाला है ।

देवी का महत्त्व !

कुलदेवी, ग्रामदेवी, शक्तिपीठ आदि रूपों में देवी के विविध सगुण रूपों की उपासना की जाती है । हिन्दू संस्कृति में जितना महत्त्व देवता का है उतना ही महत्त्व देवी को भी दिया जाता है,

शक्तिदेवता !

इस वर्ष की नवरात्रि के उपलक्ष्य में हम देवी के इन ९ रूपों की महिमा समझ लेते हैं । यह व्रत आदिशक्ति की उपासना ही है !

चंडीविधान (पाठ एवं हवन)

श्री दुर्गादेवी का एक नाम है चंडी । मार्कडेय पुराण में चंडी देवी का माहात्म्य बताया गया है, जिसमें उसके अवतारों का एवं पराक्रमों का विस्तार से वर्णन किया गया है ।

आद्याशक्ति

महाकाली ‘काल’ तत्त्व का, महासरस्वती ‘गति’ तत्त्व का एवं महालक्ष्मी ‘दिक्’ (दिशा) तत्त्व का प्रतीक है । काल के प्रवाह में सर्व पदार्थों का विनाश होता है ।

श्री गणेशजी का कार्य, विशेषताएं एवं उनका परिवार

विभिन्न साधनामार्गों के संत विभिन्न देवताओं के उपासक होते हैं, फिर भी सब संतों ने श्री गणेश की शरण जाकर याचना की है, उनका भावपूर्ण स्तवन किया है । सर्व संतों के लिए श्री गणेश अति पूजनीय देवता रहे ।

श्री गणपति के कुछ अन्य नाम

पार्वती द्वारा निर्मित गणेशजी महागणपति के अवतार हैं । उन्होंने मिट्टी से आकार बनाया तथा उसमें गणपति का आवाहन किया । जगदुत्पत्ति से पूर्व महत्त्व निर्गुण तथा आत्मस्वरूप में होने के कारण उसे ‘महागणपति’ भी कहते हैं ।

पाताल तक जाता है इस शिवलिंग पर चढाया गया जल, यहां लक्ष्मण को दिए थे महादेव ने दर्शन !

भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर अत्यंत रहस्यमय भी हैं। छत्तीसगढ़ के खरौद नगर में स्थित एक प्राचीन मंदिर में जिस शिवलिंग की पूजा की जाती है, उसके बारे में मान्यता है कि यहां से एक मार्ग पाताल तक जाता है।

यहां मिला २००० वर्ष प्राचीन शिवलिंग, आता है तुलसी जैसा सुगंध !

शिवलिंग की सबसे बड़ी विशिष्टता यह है कि, इससे ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक चीजें जुड़ी हैं जो आज भी इस जमीन में है और हमें हमारी पुरानी सभ्यता और उनसे जुड़े किस्से-कहानियों की याद दिलाती हैं।