कलियुग में विशेषतापूर्ण तथा साधकों से सभी अंगों से बनानेवाली सनातन संस्था की एकमात्रद्वितीय गुरु-शिष्य परंपरा !

सनातन संस्था में ‘गुरु की ओर तत्त्व के रूप में देखें’ की शिक्षा दी जाती है । अतः साधक उसे मार्गदर्शन करनेवाले संतों की ओर अथवा अन्य सहसाधकों की ओर तत्त्व के रूप में देखता है

१०० प्रतिशत अचूक भविष्यवाणी हेतु स्त्री बीज के फलित होने का समय ज्ञात होना आवश्यक !

सामान्यरूप से आजकल जन्मकुंडली के आधारपर ज्योतिषी जो बताते हैं, उसमें का केवल ३० से ३५ प्रतिशत भविष्यवाणी अचूक होती है ।

ज्योतिषशास्त्र – वेदों का अंग !

‘ज्योतिष’ शब्द ज्योति + ईश से बना है । ‘ज्योति’ का अर्थ ‘तेज’ तथा ‘ईश’ का अर्थ ‘ईश्वर’ अर्थात ‘ईश्वर के तेज से युक्त शास्त्र ज्योतिषशास्त्र है ।

संंत भक्तराज महाराज के इंदौर, मोरटक्का और कांदळी आश्रमों में स्थित छायाचित्रजन्य स्मृतियां !

शिष्य के जीवन के अज्ञानरूपी अंधकार को अपने ज्ञानरूपी तेज से नष्ट करनेवाले श्रीगुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है गुरुपूर्णिमा !

शनैश्चर देवता का माहात्म्य !

महाराष्ट्र के शनिशिंगणापुर में शनिदेव काली बडी शिला के रूप में है और वहां शनिदेव की शक्ति कार्यरत है । इसलिए शनिशिंगणापुर शनि का कार्यक्षेत्र है ।

समर्थ रामदासस्वामी

माघ कृष्ण पक्ष नवमी को ‘रामदासनवमी’ पडती है ! रामदासस्वामी ने अपने जीवनकाल में अनेक अवसरों पर उपदेश किया था । वे केवल उपदेश नहीं करते थे, जीवों का उद्धार भी करते थे । रामदासनवमी के उपलक्ष्य में ऐसी ही एक घटना के विषय में आज हम जाननेवाले हैं ।

भारतियों का अत्यंत प्रगत प्राचीन जलव्यवस्थापन तथा पाश्चात्त्यों के अंधानुकरण के कारण निर्माण हुआ जल का दुर्भिक्ष्य !

‘जल का महत्त्व, उसका शोध तथा उसका नियोजन, इसका संपूर्ण विकसित तंत्रज्ञान हमारे देश में था । कुछ सहस्त्र वर्ष पूर्व हम वह प्रभावी पद्धति से उपयोग कर रहे थे तथा उसके कारण हमारा देश वास्तव में ‘सुजलाम् सुफलाम्’…

प्रशासनिक, पुलिस प्रशासन तथा शिक्षा क्षेत्र के, साथ ही अश्‍लीलता फैलानेवाले दुष्प्रवृत्तियों का सामना कैसे करें ?

सरकारी काम और ६ मास की प्रतीक्षा, इसकी प्रचीती प्रत्येक नागरिक को कभी ना कभी होती ही है । पैसे खाने की वृत्ति के कारण आज प्रशासनिक पद्धति आज सुचारू तथा सहज नहीं रही है । इसमें पीसा जाता है, केवल सामान्य नागरिक ! इसी सामान्य नागरिक को अब इन दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध आवाज उठानी होगी !