अंनिस, समान संगठनों और प्रगतिवादियों द्वारा वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य की आलोचना

२० अगस्त को अंनिस जैसे संगठन, इसके साथ ही आधुनिकतावादियों द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिन मनाया जाता है । उसी पार्श्वभूमि पर १९ अगस्त को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । उस कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने टीका और बुद्धिभेद करनेवाले मत प्रस्तुत किए ।

जातपंचायत आवश्यक या अनावश्यक ?

नंदुरबार जिले के कांजारभाट समाज की एक विधवा पर अनैतिक संबंध का आरोप कर उसे नग्न करने का दंड देने की जातपंचायत के निर्णय के कारण प्रसारमाध्यमों में जातपंचायत आवश्यक अथवा अनावश्यक ?, इस विषय पर चर्चा हो रही थी । इस संदर्भ में सनातन का दृष्टिकोण आगे दिए अनुसार है ।

मनुष्यजीवन का कारण क्या है ?

मनुष्य का पुनः-पुनः जन्म होने के विविध कारण है । इसके दो प्रमुख कारण हैं – पहला कारण है प्रारब्ध अर्थात पिछले जन्म में किए अच्छे-बुरे कर्मों को भुगतना और सामान्य जीवनयापन करना ।

‘अध्यात्म’ का वास्तविक अर्थ क्या है ?

अध्यात्म, यह शब्द अधि + आत्मन् अर्थात आत्मा को समझने का जो शास्त्र है, उसे अध्यात्म कहते हैं । यह एकमात्र शास्त्र ऐसा है जो मनुष्य को किसी भी स्थिति में आनंद में कैसे रहें, यह सिखाता है ।

याचक भाव अर्थात शरणागतभाव का महत्त्व

भगवान के पास जाते समय यदि मन में गर्व लेकर जाएंगे अथवा बिना शरणागत हुए जाएंगे, तो निश्चितरूप से भगवान की कृपा नहीं मिलती । हम याचक बनकर गए, शरणागत होकर गए, बिना फल की अपेक्षा रखकर गए, तो भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं ।

वास्तु देवता को प्रसन्न कैसे करें ?

वास्तुदेवता की जो हम पर कृपा है, उसके लिए मन में जितनी कृतज्ञता रखें उतनी कम ही है । उनके चरणों में भावपूर्ण कृतज्ञता व्यक्त करेंगे ।

भावी पीढी पर योग्य संस्कार करने हेतु नई देहली में सनातन संस्था की ओर से ऑनलाईन बालसंस्कार वर्ग

नई देहली में सनातन संस्था की ओर से छोटे बच्चों के लिए ऑनलाईन बालसंस्कार वर्ग का आयोजन किया गया ।

मनःशांति एवं निरोगी जीवन देनेवाली योगविद्या !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्रों में योगशास्त्र का महत्त्व जगभर के अन्य देशों के मन पर अंकित किया । अत: संयुक्त राष्ट्रों ने २१ जून को ‘आंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित किया

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है । सूर्य नमस्कार को एक संपूर्ण व्यायाम माना जाता है । जानिए, सूर्य नमस्कार का लाभ एवं वह कैसे करें ।