धूमपान : श्‍वसनतंत्र के विकारों पर प्रतिबंधजन्य आयुर्वेदीय चिकित्सा !

धूम का अर्थ धुआं और पान का अर्थ पीना ! औषधीय धुआं नाक-मुंह से अंदर लेकर उसे बाहर छोडने को धूमपान कहते हैं ।

वास्तुदेवता का क्या महत्त्व है ?

हम जिस घर में रह रहे हैं, वह वास्तुदेवता ही हैं । वास्तु हमें ईश्वर से मिला कृपाप्रसाद है । कुलदेवता समान ही अन्य देवता अर्थात वास्तु देवता, स्थान देवता व ग्राम देवता भी हमारे लिए कार्यरत रहते हैं और हमारी रक्षा करते हैं ।

प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता के संदर्भ में संतों का द्रष्टापन तथा उनका कार्य

इस लेख में प्राकृतिक आपदाओं का वर्तमानकाल में भयानक स्वरूप, संतों द्वारा उनके संदर्भ में बताए गए सूत्र और उनका पालन न करने से उत्पन्न दुःस्थिति, साथ ही तीव्र संकटकाल में भी समष्टि की रक्षा हेतु संत किस प्रकार से कार्यरत हैं ?, इन सूत्रों को रखने का प्रयास किया गया है ।

गाय में विद्यमान ‘एंटीबॉडीज’ के द्वारा कोरोनापर विजय प्राप्त करना संभव ! – अमेरिका के औषधि बनानेवाले प्रतिष्ठान का दावा

अमेरिका के औषधियां बनानेवाले प्रतिष्ठान ‘’सैब बायोथेराप्यूटिक्स’’ ने यह दावा किया है कि, ‘गाय के शरीर में विद्यमान ‘एंटीबॉडीज’ (रोगप्रतिरोधक क्षमता) कोरोना संक्रमित रोगियोंपर गुणकारी सिद्ध हो सकेगी ।’ 

राष्ट्ररक्षा

राष्ट्र के सर्वांगीण उत्कर्ष के लिए राष्ट्रहित में कुशल नागरिकों को अब अपनी रक्षा के साथ-साथ राष्ट्र्र की रक्षा करना भी आवश्यक हो गया है । इस दृष्टि से आगे दिए विभिन्न स्थानों पर सनातन संस्था नि:शुल्क प्रशिक्षणवर्ग आयोजित करती है ।

आदित्यहृदय स्तोत्र

आदित्यहृदय स्तोत्र लगाकर, सूर्यदेवता से प्रार्थना करना कि इस स्तोत्र के चैतन्य से अपने हृदय के सर्व ओर सुरक्षाकवच निर्माण हो । यह स्तोत्र लगातार ३ बार सुनें ।…

‘राम से बडा राम का नाम’ उक्ति सार्थ करनेवाले भक्तशिरोमणि हनुमान !

‘जो कोई प्रभु श्रीराम का स्मरण करेगा, उसकी सुरक्षा हनुमानजी करेंगे और उस व्यक्ति का कोई भी अहित नहीं कर सकेगा’, ऐसा वर हनुमानजी ने मांगा ।

अखिल भारतीय माहेश्‍वरी समाज के ‘ऑनलाईन’ समारोह में सनातन संस्था की डॉ. (श्रीमती) स्वाती मोदी का मार्गदर्शन

अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज की ओर से २६ मई को विदर्भस्तरीय ‘ऑनलाईन’ महिला समारोह आयोजित किया गया था ।