दिनभर की विभिन्न कृतियों में भी हम कैसे भाव रख सकते हैं ?

आज से हम जो भी कृति करेंगे वह ईश्वर का स्मरण करते हुए और जैसी ईश्वर को अच्छी लगेगी, वैसी करेंगे । फिर हम उसे ईश्वर को समर्पित करेंगे ।

कोरोना के समय में श्रीमद्भगवद्गीता से शक्ति और शांति मिलेगी ! – अमेरिका में भारतीय वंश की सांसद तुलसी गेबार्ड

हमें भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सिखाए गए भक्तियोग और कर्मयोग के पालन से शक्ति और शांति मिल पाएगी, ऐसा वक्तव्य अमेरिका की प्रथम हिन्दू सांसद तुलसी गेबार्ड ने किया ।

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘सनातन प्रभात’ के पाठकों के लिए ‘ऑनलाईन’ सत्संग

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’के हिन्दी भाषा के पाठकों के लिए नियमित ‘ऑनलाईन’ साप्ताहिक सत्संग प्रारंभ किया गया है ।

काल के पदचिन्ह पहचानकर उद्योगपति अपनी योजना करें ! – श्री. चेतन राजहंस, सनातन संस्था

आनेवाला काल भीषण है । इसलिए कोई भी निर्णय लेते समय इसका अनुभूति होना आवश्यक है । उद्योगपति राष्ट्र का आधारस्तंभ हैं ।

शिक्षकों के साधना करने पर वे सुजान नागरिक बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे ! – सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडये, सनातन संस्था

सनातन संस्था की ओर से संगणकीय प्रणाली द्वारा शिक्षक शिविर का आयोजन किया गया था  ।

‘सनातन डॉट ऑर्ग’ जालस्थल के मलयालम भाषा का तेलंगाना चिलकूर बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी सी. एस. रंगराजन के करकमलों से लोकार्पण

सनातन संस्था के सनातन डॉट ऑर्ग जालस्थल का  मलयालम भाषा में लोकार्पण तेलंगाना चिलकूर बालाजी ‘मंदिर के मुख्य पुजारी श्री. सी.एस. रंगराजन के करकमलों द्वारा २८ जून को मंदिरों का नियंत्रण धर्मनिरपेक्ष सरकार के हाथों में क्यों ?’, इस विषय पर ‘ऑनलाइन’ परिसंवाद में संपन्न हुआ ।

फेसबुक लाइव में ‘परिचय संतों का…’ में उजागर हुआ ‘परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी का अलौकिक कार्य !’

श्री. राजहंस ने उपस्थित जिज्ञासुओं को श्री विठ्ठल एवं वारी के संदर्भ में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा रखे गए शास्त्रीय ज्ञान से अवगत कराया ।

वर्तमान में ‘तनाव और उपाय’ इस विषय पर ‘ऑनलाईन पत्रकार संवाद’ कार्यक्रम में सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस का पत्रकारों को मार्गदर्शन

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से २७ जून को वर्तमानस्थिति में ‘तनाव और उपाय’ इस विषय पर पत्रकारों के लिए ‘ऑनलाईन पत्रकार संवाद’ आयोजित किया गया था ।

हनुमानजी की सेवा और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण

आज तक जहां राम-नाम का स्मरण होता है, जहां रामकथा होती है, वहा साधकों को मदद करने के लिए हनुमानजी सूक्ष्मरूप से उपस्थित रहते हैं ।

गणेशोत्सव की पार्श्‍वभूमि पर सामाजिक जालस्थलों के माध्यम से धर्मद्रोही आवाहन !

श्रीगणेश को फल-फूल और नैवेद्य अर्पण करने के पीछे शास्त्र और उसके आध्यात्मिक लाभ जाने बिना शास्त्र विरोधी आवाहन करने से धर्म की हानि होती है और पाप भी लगता है ।