सनातन संस्था के विविध आश्रम तथा सेवाकेंद्रों में प्रस्तावित ‘सौरऊर्जा परियोजना’ के निर्माण में धन अथवा वस्तुरूप में सहायता करें !

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति के कार्य हेतु निःस्वार्थ भाव से कार्य करनेवाली सनातन संस्था के आश्रमों में ‘सौरऊर्जा परियोजना’ बनाने हेतु कृपया सहायता कर इस कार्य में यथाशक्ति योगदान करें !’

गायत्रीदेवी का आध्यात्मिक महत्त्व और उनकी गुणविशेषताएं !

‘गायत्री शब्द की व्युत्पत्ति है – गायन्तं त्रायते । अर्थात गायन करने से (मंत्र से) रक्षा जो करे और गायंतं त्रायंतं इति । अर्थात सतत गाते रहने से जो शरीर से गायन करवाए (शरीर में मंत्रों के सूक्ष्म स्पंदन निर्माण करती है ।) और जो तारने की शक्ति उत्पन्न करती है, वह है गायत्री ।

समाज के लिए सनातन संस्था की ओर से ऑनलाईन प्रथमोपचार प्रशिक्षण उपक्रमों का आयोजन

यातायात बंदी के काल में अर्थात अप्रैल के पहले सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक देशभर में ४० स्थानों पर ऑनलाईन वर्ग लिया गया । इसका १ सहस्र राष्ट्रप्रेमियों ने लाभ लिया । 

कोरोना, श्राद्धकर्म और अवसरवादी नास्तिक !

वर्तमान में नास्तिकों का बोलबाला है । वे कोरोना के कंधों पर हिन्दू धर्म को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं चूकना चाहते ।

संत भक्तराज महाराज और परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के चित्र बनाते समय भावस्थिति का अनुभव होना

चित्र बनाते समय मैं भावस्थिति का अनुभव कर रहा था और मुझे इस स्थिति का पुनः-पुनः अनुभव करने का अवसर मिले; इसके लिए मैंने और दो चित्र बनाए । एक चित्र बनाने में मुझे लगभग ५ – ६ दिन लगे ।

आकाश में बिजली कडक रही हो, तो निम्नांकित सावधानियां बरतकर सुरक्षित रहें !

खुले आकाश के नीचे (उदा. मैदान, समुद्रतट आदि), साथ ही बिजली के खंभे, मोबाईल टॉवर, दलदलवाले स्थान, पानी की टंकी, टीन का शेड आदि स्थानों पर न रुकें ।

चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करने हेतु आवश्यक पूर्वतैयारी तथा प्रत्यक्ष संकटकालीन स्थिति में आवश्यक कृत्य

आज विज्ञान ने भले ही सभी क्षेत्रों में प्रगति कर ली हो; परंतु चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदा को रोकना मनुष्यशक्ति के परे है । ऐसे समय में स्थिर रहकर मनोबल टिकाए रखना ही हमारे हाथ में होता है ।

दिनभर की विभिन्न कृतियों में भी हम कैसे भाव रख सकते हैं ?

आज से हम जो भी कृति करेंगे वह ईश्वर का स्मरण करते हुए और जैसी ईश्वर को अच्छी लगेगी, वैसी करेंगे । फिर हम उसे ईश्वर को समर्पित करेंगे ।

कोरोना के समय में श्रीमद्भगवद्गीता से शक्ति और शांति मिलेगी ! – अमेरिका में भारतीय वंश की सांसद तुलसी गेबार्ड

हमें भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सिखाए गए भक्तियोग और कर्मयोग के पालन से शक्ति और शांति मिल पाएगी, ऐसा वक्तव्य अमेरिका की प्रथम हिन्दू सांसद तुलसी गेबार्ड ने किया ।