मालेगांव, 7/11 और दाभोलकर प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप का खुलासा मीरा बोरोवनकर करें ! – सनातन संस्था की मांग

मालेगांव बम विस्फोट, मुंबई का 7/11 रेल विस्फोट और दाभोलकर हत्या इन मामलों का हाल ही में निर्णय हुआ। इन प्रकरणों में ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ था’’ ऐसा सनसनीखेज आरोप पूर्व पुलिस आयुक्त मीरा बोरोवनकर ने लगाया। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि उन्होंने जिस…

भारतभर के लाखों श्रद्धालुओं के श्रद्धास्थान कटरा (जम्मू) की श्रीवैष्णोदेवी !

श्रीवैष्णोदेवी का मंदिर समुद्रतल से ५ सहस्र २०० फुट की ऊंचाई पर है । यह मंदिर जम्मू जिले के कटरा से १४ किलोमीटर चढाई करने के पश्चात एक पहाडी पर है । यह अत्यंत जागृत देवस्थान के रूप में प्रसिद्ध है । इस स्थान पर देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं ।

ईश्वरप्राप्ति हेतु विवाहविधि अध्यात्मशास्त्र के अनुरूप ही करें !

विवाहविधि द्वारा वधु-वर सहित उपस्थितों का आनंदप्राप्ति की दिशा में मार्गक्रमण होने के लिए कैसे प्रयत्न करने चाहिए, वह इस लेख में प्रस्तुत है ।

द्वापरयुग में पांडवों ने एक ही रात में निर्माण किया बनखंडी, जिला कांगडा में श्री बगलामुखी मंदिर !

द्वापरयुग में पांडवों ने अज्ञातवास के समय एक रात में यह मंदिर बनाया और पूजाअर्चा की । इस मंदिर में प्रथम अर्जुन और भीम ने युद्धकला में सफलता मिलने के लिए देवी की उपासना की थी और शत्रुसंहारिणी देवी बगलामुखी मंदिर में विविध प्रकार के कष्टों के निवारण के लिए शत्रुुनाश हवन करवाया था ।

राजा धन्यमाणिक को स्वप्नदृष्टांत देकर माताबरी (त्रिपुरा) में स्थानापन्न हुई श्रीत्रिपुरासुंदरीदेवी !

त्रिपुरा राज्य के उदयपुर शहर के निकट माताबरी गांव में श्रीत्रिपुरासुंदरीदेवी का मंदिर है । यह ५१ शक्तिपीठों में से एक पीठ है । यहां सती के बाएं पैर की उंगलियां गिरी थीं । कलियुग में इस स्थान पर धन्यमाणिक नामक राजा ने मंदिर निर्माण किया और इस मंदिर में त्रिपुरासुंदरीदेवी की स्थापना की ।

बीरभूम (बंगाल) के महास्मशान में विराजमान श्री तारादेवी !

तारापीठ मंदिर के सामने ही महास्मशान है । जिस स्मशान में १ करोड मृतदेहों का अग्निसंस्कार हो चुका होता है, उसे ‘महास्मशान’ कहते हैं ।

कर्नाटक राज्य के शृंगेरी (जिला चिक्कमगळुरू) और कोल्लुरू (जिला उडुपी) के मंदिर

कर्नाटक राज्य के चिक्कमगळुरू जिले में तुंगा नदी के तट पर शृंगेरी नाम का गांव है । यहां के पर्वत पर पहले शृंगऋषि रहते थे; इसलिए इस स्थान का नाम ‘शृंग गिरि’ पडा । आगे शृंगगिरी का रूपांतर ‘शृंगेरी’ हो गया । २ सहस्र ६०० वर्षों पूर्व आद्य शंकराचार्य इस स्थान पर आए थे ।

प्राणी एवं पक्षी को मृत्यु के पश्चात अच्छी गति मिलने हेतु मृत्यु के समय किए जानेवाले आध्यात्मिक उपाय !

कुछ घरों में किसी प्राणी अथवा पक्षी का दीर्घकाल तक संगोपन किया जाता है । मृत्यु के समय ऊपर दिए अनुसार संबंधित व्यक्ति को भी उनके लिए कुछ न कुछ धार्मिक उपाय करने से उन्हें उसका उपयोग अगले जीवन के लिए होगा ।

शरीर पर आया कष्टदायक (काला) आवरण क्यों और कैसे निकालें ?

व्यक्ति पर कष्टदायक आवरण आने से उसे ‘न सूझना, मन अस्वस्थ होना, मन में नकारात्मक विचार आना, निरुत्साह लगना, ‘नामजप करने का मन न होना, उपायों का परिणाम न होना’, इत्यादि कष्ट होते हैं ।

सनातन संस्था को ‘आतंकवादी’ कहने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को 10 करोड़ की मानहानि की नोटिस!

पृथ्वीराज चव्हाण के वक्तव्य से सनातन संस्था की छवि धूमिल हुई है तथा हजारों साधकों की भावनाएं आहत हुई हैं। यदि यह नोटिस प्राप्त होने पर भी उत्तर नहीं दिया गया, तो पृथ्वीराज चव्हाण पर फौजदारी और दिवानी मुकदमे न्यायालय में दायर किए जाएंगे।