अखिल मानवजाति पर निरपेक्ष प्रेम (प्रीति) करनेवाले परात्‍पर गुरु डॉ. आठवलेजी !

‘एसएसआरएफ’ के जालस्‍थल पर मृत व्‍यक्‍ति का अंतिमसंस्‍कार करने के संदर्भ में उस पर अग्‍निसंस्‍कार करने के लाभ और दफन करने से होनेवाली हानि के संबंध में जानकारी देनेवाला लेख प्रकाशित किया गया है ।

‘यज्ञसंस्‍कृति’ को पुनर्जीवित करनेवाले मोक्षगुरु परात्‍पर गुरु डॉ. आठवलेजी !

गुरुदेवजी साधकों को सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों अंगों की शिक्षा देकर इस कलियुग में भी साधकों से चार युगों की साधना करवाकर उन्हें पूर्णत्व तक पहुंचा रहे हैं । उसके लिए सनातन धर्म के महत्त्वपूर्ण और अभिन्न अंग ‘यज्ञसंस्कृति’ को आप पुनर्जीवित कर रहे हैं ।

श्री विद्याचौडेश्‍वरी देवी द्वारा परात्‍पर गुरु डॉ. आठवलेजी के सहस्रार पर लगाई गई विभूति में बहुत चैतन्‍य होना

‘२६.२.२०२० को गोवा के रामनाथी आश्रम में श्री विद्याचौडेश्‍वरी देवी का शुभागमन हुआ । उस समय प.पू. श्री श्री श्री बालमंजूनाथ महास्‍वामीजी और उनके भक्‍तों ने श्री विद्याचौडेश्‍वरी देवी की मूर्ति के प्रभामंडल से परात्‍पर गुरु डॉ. आठवलेजी के सहस्रार पर (तालू के भाग पर) स्‍पर्श कराया ।

गलवान घाटी में चीन द्वारा युद्ध की तैयारी !

भारत में जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप हुआ है, वैसे ही चीन पूर्वी लद्दाख की सीमा पर युद्ध की तैयारी करता दिखाई दे रहा है । चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के पास अत्याधुनिक पी.एच.एल -३ रॉकेट लांचर तैनात किए हैं । चीन के सरकारी सीसीटीवी ने इस संबंध में वृत्त दिया है ।

हिमालय में बर्फ पिघलने से बडी संख्या में तालाब बन रहे हैं !

’’ ग्लोबल वार्मिंग ’’ के फलस्वरूप, गत कुछ वर्षों से बर्फाच्छादित पहाडों की बर्फ पिघल रही है । भारत के हिमालय में भी स्थिति ऐसी ही है । परिणामस्वरूप, तालाबों का जल स्तर लगातार बढ रहा है । साथ ही उनका आकार भी बढ रहा है । जिसके परिणामस्वरूप, यहां नदियों के क्षेत्रों में बाढ का खतरा है ।

चीन विगत छह वर्षों से तृतीय विश्व युद्ध के लिए जैविक अस्त्र निर्माण कर रहा था !

कोरोना की उत्पत्ति चीन में हुई थी, इसे अब लोग भुलने लगे हैं तथा चीन में इसका प्रभाव कब का न्यून हो गया है एवं पूर्व जैसा परिवहन अभी आरंभ हुआ है । ऐसे में अमेरिकी गुप्तचर विभाग ने चीन की एक रिपोर्ट ढूंढ निकाली है । १८ विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई रिपोर्ट में पाया गया कि, चीन विगत छह वर्षों से तृतीय विश्व युद्ध के लिए कोरोना जैसा एक जैविक अस्त्र निर्माण कर रहा था, एवं उसने वास्तव में कोरोना के माध्यम से तीसरा युद्ध शुरू किया है ।

संक्रमण की अवधि में आवश्‍यक आहार और स्‍वास्‍थ्‍य शीघ्र सामान्‍य होने के लिए उपाय

आज यह बात सभी के ध्‍यान में आ चुकी है कि किसी न किसी प्रकार से हमें भी संक्रमण हो सकता है । वह न हो; इसका ध्‍यान लेने के दिन बीत गए । अब सभी को इसी तत्त्व का पालन करना होगा कि हमें भी संक्रमण हो सकता है; परंतु उसके लिए हमारा स्‍वास्‍थ्‍य सामान्‍य स्‍थिति में आने की गति (रिकवरी रेट) अच्‍छी होनी चाहिए ।

बहुगुणी आंवला !

‘आंवला पृथ्वी पर अमृत है ! आंवला शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्ट दूर करने के लिए उपयुक्त है; इसलिए आयुर्वेद में इसे ‘औषधियों का राजा’ कहते हैं । ‘आमला एकादशी’ पर श्रीविष्णु को आंवला अर्पण करते हैं ।

‘गायत्री मंत्र से कोरोना ठीक हो सकता है क्या ?’ इसपर संशोधन होगा !

केंद्रीय विज्ञान मंत्रालय ने गायत्री मंत्र से कोरोना ठीक हो सकता है क्या ? इसपर संशोधन करने के लिए ह्रषिकेश के एम्स अस्पताल को ३ लाख रुपये की निधि दी है ।

विपरीत आहार के प्रकार

कुछ व्‍यक्‍तियों के लिए देश, काल, अग्नि, प्रकृति, दोष, आयु इत्यादि का विचार करने पर कुछ अन्नपदार्थ हानिकारक सिद्ध होते हैं । ऐसे खाद्य पदार्थ विपरीत आहार में समाविष्‍ट होते हैं ।