साधना की तीव्र लगन और ईश्वर पर दृढ श्रद्धा रख असाध्य रोग में भी भावपूर्ण साधना कर ‘सनातन के १०७ वें (समष्टि) संतपद’ पर आरूढ हुए अयोध्या के पू. डॉ. नंदकिशोर वेदजी (आयु ६८ वर्ष) !

सनातन आश्रम में निवास करनेवाले डॉ. नंदकिशोर वेदजी (आयु ६८ वर्ष) का दीर्घकालीन रोग के कारण ११ मई २०२१ की संध्या को निधन हुआ । वे मूलत: अयोध्या (उत्तर प्रदेश) निवासी थे । २२ मई २०२१ को डॉ. नंदकिशोर वेद को देहत्याग किए १२ दिन पूर्ण हुए । इस दिन साधना की तीव्र लगन और ईश्वर पर दृढ श्रद्धा रख, असाध्य रोग में भी भावपूर्ण साधना कर वे सनातन के १०७ वें (समष्टि) संतपद पर आसीन हुए ।

कोरोना विषाणु के विरुद्ध स्वयं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने हेतु चिकित्सकीय उपचारों के साथ आध्यात्मिक बल प्राप्त होने हेतु ‘श्री दुर्गादेवी, दत्त देवता एवं भगवान शिव’, इन देवताओं का एकत्रित नामजप ध्वनिविस्तारक द्वारा सर्वत्र लगाने का नियोजन करें !

यह सिद्ध हो चुका है कि ‘नामजप न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए पूरक है, साथ ही विविध विकारों के निर्मूलन के लिए भी लाभदायक है । वर्तमान कोरोना महामारी के काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होने के लिए योगासन, प्राणायाम, आयुर्वेदीय उपचार इत्यादि प्रयास समाज के लोग कर रहे हैं । इनके साथ ही रोग प्रतिरोधक शक्ति तथा आत्मबल बढाने के लिए उचित साधना ही करनी पडती है ।

हिन्दू जनजागृति समिति के ‘हिन्दू सम्मेलन’, ‘सनातन प्रभात’ और ‘सनातन शॅाप’ के फेसबुक पेज पर प्रतिबंध !

हिन्दू जनजागृति समिति के ‘हिन्दू सम्मेलन’, ‘सनातन प्रभात’ और सनातन की ‘सनातन शॅाप ‘ के फेसबुक पेज, फेसबुक से बंद (अप्रकाशित) कर दिए गए हैं । विशेष बात यह है कि, ‘सनातन प्रभात’ और ‘सनातन शॅाप’ के पेज पूरी तरह से हटा दिए गए हैं । फेसबुक द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति या सनातन प्रभात को इस बारे में कोई जानकारी या कारण नहीं दिया गया है ।

काली और सफेद फंगस के बाद अब मिला पीले फंगस से संक्रमित मरीज !

काली और सफेद फंगस के बाद अब देश में पीले फंगस से संक्रमित मरीज मिला है । पीला फंगस अधिक खतरनाक होने का विशेषज्ञों ने कहा है । गाजियाबाद में मिले पीले फंगस के मरीज पर अभी उपचार चालू है ।

२६.५.२०२१ को होनेवाला खग्रास चंद्रग्रहण

वैशाख पूर्णिमा, २६.५.२०२१, बुधवार को होनेवाला खग्रास चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए ग्रहण का कोई भी वेध आदि नियम के पालन करने की आवश्‍यकता नहीं ।

अँटार्क्टिका के समीप विशालकाय बर्फ का टुकडा पिघला !

अटार्क्टिका से स्पेन के माजोर बंदरगाह तक बर्फ का एक विशाल टुकडा पानी में गिरा है । उपग्रह और हवाई जहाज द्वारा लिए छायाचित्र में यह दृश्य दिखाई दिया । यह विश्व का अबतक का सबसे महाकाय बर्फ का टुकडा है, ऐसा बताया जा रहा है । पिछले वर्ष भी अँटार्क्टिका में बर्फ का एक बडा टुकडा पिघल गया था ।

भारत में ‘ब्लैक फंगस’ के बाद अब ‘व्हाईट फंगस’ के भी मरीज मिले !

कोरोना पीडितों में ‘ब्लैक फंगस’ (म्युकरमायकोसिस) इस बीमारी का लक्षण दिखने के बाद अब ‘व्हाईट फंगस’ की समस्या दिखने लगी है । पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भरती कोरोना के ४ मरीजों में व्हाईट फंगस का लक्षण दिखाई दिया है । ऑक्सीजन पर रखे मरीजों को इस बीमारी का खतरा अधिक है, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है ।

तौक्ते के पीछे पीछे अब ‘यास’ नामक चक्रवात टकराएगा !

तौक्ते के पीछे पीछे अब ‘यास’ नामक चक्रवात पूर्वी बंगाल एवं ओडिशा के तटों से टकराने की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग ने दी है । यह चक्रवात २५ मई को बंगाल तथा २६ मई को ओडिशा से टकराने की आशंका है । बंगाल की खाडी में एक न्यून दबाव का क्षेत्र बन गया है एवं समुद्र के पानी का तापमान बढ गया है ।

‘निर्विचार’ अथवा ‘श्री निर्विचाराय नमः’ नामजप द्वारा निर्गुण स्‍थिति प्राप्‍त करने में सहायता होना

‘मन जब तक कार्यरत है तब तक मनोलय नहीं होता । मन निर्विचार करने हेतु स्‍वभावदोष-निर्मूलन, अहं-निर्मूलन, भावजागृति इत्‍यादि कितने भी प्रयास किए, तो भी मन कार्यरत रहता है । उसी प्रकार किसी देवता का नामजप अखंड किया, तो भी मन कार्यरत रहता है और मन में देवता की स्‍मृति, भाव इत्‍यादि आते हैं ।

सनातन आश्रम रामनाथी (गोवा) और देवद (पनवेल) में ‘ऑक्‍सीजन कॉन्‍सेन्‍ट्रेटर’ की त्‍वरित आवश्‍यकता !

सनातन के रामनाथी और देवद आश्रम में राष्‍ट्र और धर्म का कार्य नि:स्‍वार्थता से करनेवाले अनेक साधक निवास करते है । इनमें से कुछ रोगी साधकों के लिए समय-समय पर ऑक्‍सीजन की आवश्‍यकता होती है । वर्तमान में बाहर सर्वत्र ऑक्‍सीजन का अभाव है ।