बहुगुणी भीमसेनी आयुर्वेदीय कपूर !

‘पुदिना के फूल, अजवायन के फूल एवं भीमसेनी कपूर, तीनों को सम मात्रा में एकत्र करने पर कुछ समय पश्चात उसका तेल में रूपांतर होता है । इस तेल को ‘अमृतधारा तेल’ कहते हैं । यह तेल गठिया पर अत्यंत उपयुक्त है ।’

नि:शुल्क; परंतु बहुमूल्य आयुर्वेदीय औषधियां : सेमल के फूल एवं मक्के के भुट्टे के केश (बाल)

पुणे के श्री. अरविंद जोशी नामक एक सद्गृहस्थ हैं जो विविध भारतीय उपचारपद्धतियों का अभ्यास करनेवाले हैं । उन्होंने अपनी शोध वृत्ति से इन फूलों का औषधीय गुणधर्म ढूंढा और अनेकों को उससे लाभ हुआ । उनके पास इसके अनेक उदाहरण हैं । उनका एक लेख पढकर मैंने भी कुछ रोगियों को ये फूल दिए, तो ध्यान में आया कि उन्हें भी बहुत लाभ हुआ है ।

लकडी कोल्हू का आरोग्यदायी तेल !

लकडी के कोल्हू का तेल अत्यंत शुद्ध, रसायनविरहित एवं आरोग्य के लिए हितकारक होता है, इसके साथ ही वह प्राकृतिक एवं शास्त्रोक्त पद्धति से निर्माण किया जाता है । उसे शुद्ध तेल की गंध आती है और वह चिपचिपा भी होता है; कारण उसमें ४-५ प्रकार के जीवनसत्त्व होते हैं । लकडी के कोल्हू से तेल निकालने में अत्यल्प घर्षण होने से उसमें से एक भी प्राकृतिक घटक नष्ट नहीं होता ।