संक्रमण की अवधि में आवश्‍यक आहार और स्‍वास्‍थ्‍य शीघ्र सामान्‍य होने के लिए उपाय

आज यह बात सभी के ध्‍यान में आ चुकी है कि किसी न किसी प्रकार से हमें भी संक्रमण हो सकता है । वह न हो; इसका ध्‍यान लेने के दिन बीत गए । अब सभी को इसी तत्त्व का पालन करना होगा कि हमें भी संक्रमण हो सकता है; परंतु उसके लिए हमारा स्‍वास्‍थ्‍य सामान्‍य स्‍थिति में आने की गति (रिकवरी रेट) अच्‍छी होनी चाहिए ।

बहुगुणी आंवला !

‘आंवला पृथ्वी पर अमृत है ! आंवला शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्ट दूर करने के लिए उपयुक्त है; इसलिए आयुर्वेद में इसे ‘औषधियों का राजा’ कहते हैं । ‘आमला एकादशी’ पर श्रीविष्णु को आंवला अर्पण करते हैं ।

‘गायत्री मंत्र से कोरोना ठीक हो सकता है क्या ?’ इसपर संशोधन होगा !

केंद्रीय विज्ञान मंत्रालय ने गायत्री मंत्र से कोरोना ठीक हो सकता है क्या ? इसपर संशोधन करने के लिए ह्रषिकेश के एम्स अस्पताल को ३ लाख रुपये की निधि दी है ।

विपरीत आहार के प्रकार

कुछ व्‍यक्‍तियों के लिए देश, काल, अग्नि, प्रकृति, दोष, आयु इत्यादि का विचार करने पर कुछ अन्नपदार्थ हानिकारक सिद्ध होते हैं । ऐसे खाद्य पदार्थ विपरीत आहार में समाविष्‍ट होते हैं ।

‘कोरोना’ का बढता प्रादुर्भाव ध्‍यान में रख ग्रीष्‍म ऋतु में आयुर्वेद की दृष्‍टि से प्रतिबंधात्‍मक उपाय और पूर्वतैयारी

जिनमें कोरोना रोग के लक्षण पाए गए हैं एवं जो न्‍यूमोनिया या थकान आदि के लक्षणों के कारण अस्‍पताल में भरती हैं, ऐसों के लिए सुवर्ण मालिनी वसंत की २० गोलियां खरीद लें ।

कोरोना महामारी की तीव्रता ध्यान में रखकर अपने साथ कुटुंबियों की रक्षा होने हेतु ‘कोरोना’ संबंधी सूचनाओं का साधना के रूप में पालन करें !

‘मार्च २०२० से १ अप्रैल २०२१ तक भारत में १ करोड ३३ लाख से भी अधिक नागरिकों को कोरोना का संसर्ग हुआ । उसमें १ लाख ६९ सहस्र से भी अधिक रोगियों की मृत्यु हो गई । आजकल कोरोना का संसर्ग पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वेग से फैल रहा है ।

सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी को उत्तराखंड शासन के कुंभमेला प्रशासन द्वारा प्रसिद्धी

सनातन संस्था की चलती-फिरती ग्रंथ-प्रदर्शनी को उत्तराखंड शासन के कुंभमेला प्रशासन द्वारा लेख स्वरूप में प्रसिद्धी दी गई है । कुंभमेला प्रशासन द्वारा देश-विदेश के पत्रकारों को कुंभमेले का समाचार देने हेतु एक वॉट्सएप गुट बनाया गया है ।

संस्था की प्रदर्शनी देखकर मुझे अत्यंत आनंद हुआ ! – महामंडलेश्वर महंत श्री श्री १००८ श्री रघुवीर दास महात्यागीजी, अखनूर, जम्मू-कश्मीर

कुंभमेले के निमित्त सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से हरिद्वार में ‘सनातन धर्मशिक्षा और हिन्दू राष्ट्र-जागृति केंद्र’ को अखनूर (जम्मू-कश्मीर) के महामंडलेश्वर महंत श्री श्री १००८ श्री रघुवीर दास महात्यागीजी ने भेंट दी ।

मातृवत वात्सल्य से साधकों का ध्यान रखनेवाले तथा प्रत्येक क्षण साधकों का ही विचार करनेवाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी !

‘भक्त भगवान की सेवा नहीं, अपितु भगवान ही भक्तों की सेवा कैसे करते हैं’, परात्पर गुरु डॉक्टरजी के सान्निध्य में रहते हुए पग-पग पर यह बात दिखाई देती है ।

अनुपम प्रीति से सभी को ईश्वरप्राप्ति के लक्ष्य के समान धागे में पिरोनेवाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी !

‘सनातन के मार्गदर्शन में साधना करनेवाले अनेक साधकों ने परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को कभी नहीं देखा है; परंतु ऐसा होते हुए भी वे सभी परात्पर गुरु डॉक्टरजी द्वारा बताई गई साधना अत्यंत श्रद्धा के साथ कर रहे हैं । बाहर मोहमाया का प्रबल जाल होते हुए भी केवल परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के प्रति … Read more