सनातन संस्था की बबिता गांगुली को ‘मातृभूमि सम्मान’ पुरस्कार प्रदान !

‘मातृभूमि राष्ट्रप्रेमी संस्था’ की ओर से आयोजित वार्षिक अधिवेशन में अध्यात्मप्रसार का कार्य करनेवाली सनातन संस्था की बबिता गांगुली को ‘मातृभूमि सम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

सनातन संस्था के नाम से आनेवाले फर्जी ई-मेल से सावधान रहें !

सनातन संस्था तथा संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के नाम से फर्जी ई-मेल कुछ लोगों को प्राप्त हुए हैं ।

गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में सनातन संस्था के गुरुओं द्वारा संदेश (2026)

इस भीषण युद्धकाल में केवल स्वयं का विचार न करते हुए समाज के सात्त्विक हिंदुओं (जीवों) की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है । ऐसी कठिन परिस्थिति में सात्त्विक हिंदुओं (जीवों) की प्राणरक्षा हेतु निष्ठापूर्वक प्रयास करना, यही इस काल की वास्तविक समष्टि साधना सिद्ध होनेवाली है ।

गुरुपूर्णिमा पूजाविधि (संपूर्ण गुरु पूजन मंत्र एवं अर्थसहित)

आषाढ पूर्णिमा अर्थात व्यासपूजन अर्थात गुरुपूर्णिमा । इस दिन ईश्वर के सगुण रूप अर्थात गुरु का मनोभाव से पूजन

आषाढी एकादशी

एकादशी यह भगवान श्री विष्णु की तिथि है । एकादशी व्रत करनेसे, कार्यक्षमतामें वृद्धि होना, आयुवृद्धि होना एवं आध्यात्मिक उन्नति शीघ्र होनेमें सहायता मिलना ।

इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव में सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी को जिज्ञासुओं ने दिया उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

देहली के ऐतिहासिक परिसर में आयोजित ‘इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव (आई.सी.एफ. २०२६)’ भारतीय संस्कृति, इतिहास एवं अध्यात्म का एक अनोखा संगम सिद्ध हुआ । सनातन संस्था की ओर से आयोजित ग्रंथ-प्रदर्शनी इस महोत्सव में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी ।

झारखंड एवं बंगाल में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए मंदिरों में सामूहिक प्रार्थना कर देवताओं के चरणों में मन्नत मांगी !

सनातन संस्था की ओर से अक्षय तृतीया के पावन पर्व झारखंड एवं बंगाल में ‘रामराज्य-निर्माण अभियान’ अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर रामराज्य स्थापना हेतु संकल्प कार्यक्रम सम्पन्न हुए ।

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लो !

२९ जुलाई २०२६ को गुरुपूर्णिमा है । गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह दिवस शिष्य के लिए अविस्मरणीय होता है । इस दिन गुरुदेवजी का कृपाशीर्वाद तथा उनसे प्रक्षेपित होनेवाला शब्दातीत ज्ञान सामान्य की अपेक्षा सहस्रों गुना अधिक कार्यरत होता है ।

सनातन आश्रम, रामनाथी के भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ ‘आयुष्य होम’ !

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी एवं श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति में यह होम संपन्न हुआ । होम का अनुष्ठान सनातन वेदपाठशाला के पुरोहितों ने किया ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

मन में संदेह रखनेवाले कुछ लोग साधना से दूर चले जाते हैं, साथ ही वे अन्य लोगों से नकारात्मक चर्चा कर उनके मन में भी संदेह उत्पन्न करते हैं । इसका गंभीर परिणाम साधकों पर और समष्टि कार्य पर होता है । इससे पापकर्म घटित होता है । साधकों को ऐसे लोगों से सावधान और सतर्क रहना चाहिए ।