दिशाहीन राज्यकर्ताआें के लोकतंत्र की अपेक्षा हिन्दुआें को धर्मनिष्ठ हिन्दू राष्ट्र चाहिए ! – चेतन राजहंस

देश में सुधार लाने के लिए हिन्दुआें द्वारा चुने हुए शासनकर्ता अब हिन्दुआें के ही मूलपर उठ गए हैं । केंद्र की सरकार अनुसूचित जाती तथा जनजातियों के लिए विधि बनाकर सामाजिक अराजक फैला रही है ।

कागद की लुगदी से बनाई गई गणेशमूर्ति हानिकारक होने का वैज्ञानिकदृष्टि से भी प्रमाणित !

हाल ही में कथित पर्यावरणवादी कागद की लुगदी से बनाई जानेवाली श्री गणेशमूर्ति का समर्थन करते हैं, तथापि उसके कारण कितना प्रदूषण होता है, यह भी जान लेना आवश्यक है । 

‘किसने बनाया यह हिंसक जमावडा ?’, ‘यह खूनी झुंड आती कहांसे हैं ?’ आदि निष्पापता का बुर्का पहने निखिल वागळे द्वारा उपस्थित किए गए प्रश्‍नों की पोलखोल !

अक्षरनामा’ नामक संकेतस्थलपर पत्रकार निखिल वागळे ने ‘यह खूनी झुंड आती कहां से है ?’, इस शीर्षक के तले एक लेख लिखा है । उसके साथ ही ‘मैक्स महाराष्ट्र’ नामक ‘फेसबुक’ खातेपर ‘किसने बनाई यह हिंसक भीड ?’ नामक शीर्षक के नीचे एक चलचित्र (वीडियो) प्रसारित किया है ।

राष्ट्रप्रेम ही धर्मप्रेम है इस सत्य को जान चुका दुर्लभ क्रांतिकारी दामोदर हरि चापेकर !

क्रांतिकारी दामोदर हरि चापेकर द्वारा लिखे गए आत्मवृत्त का कारण यह था कि यह हत्या करने के लिए चापेकर कैसे प्रेरित हुआ, इसकी सच्चाई लिखने के लिए उन्हें कहा गया ।

सनातन संस्था के प्रमुख को गिरफ्तार करने की मांग करनेवाले भ्रष्टाचारी राधाकृष्ण विखे पाटील को ही पहले गिरफ्तार करें !

कांग्रेस के उतावले नेता निरंतर मांग कर रहे हैं, सनातन पर प्रतिबंध लगाओ और सनातन के प्रमुख को गिरफ्तार करो ! कांग्रेस के नेता अपनी चमडी बचाने के लिए सनातन को लक्ष्य करने के लिए यह मांग कर रहे हैं ।

शिवगंगा (तमिलनाडु) गांव के निकट भागंप्रियादेवी के स्थान पर प्रतीत हुए सूत्र

लगभग प्रतिदिन अनेक मंदिरों में ले जाकर महर्षि हमसे भिन्न-भिन्न धार्मिक कृत्य करने के लिए कहते हैं तथा प्रार्थनाएं भी करवाते हैं । अनिष्ट शक्तियों के निवारणार्थ किए जानेवाले कृत्य देवालय में करने से इसमें होनेवाले अनिष्ट शक्तियों के आक्रमण से अपनेआप ही रक्षा होने में सहायता मिलना |

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए साधना का बल आवश्यक ! – कु. कृतिका खत्री, हिन्दू जनजागृति समिति

सनातन संस्था की देहली की प्रवक्ता कु. कृतिका खत्री ने आवाहन करते हुए कहा, ‘‘हिन्दू धर्म और राष्ट्रपर आघात किए जा रहे हैं । लव जिहाद की समस्या अधिक गंभीर है । इसका मूल कारण धर्मशिक्षा का अभाव है ।

प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन यदि ३० मिनटोंतक ‘मृत संजीवनी मुद्रा’ की, तो उससे उसका हृदय सशक्त होकर अकालीन आनेवाले हृदयघात का झटका (हार्ट अटैक) आने की मात्रा घटेगी !

प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने हाथ की तर्जनी की नोक का तलुवे से स्पर्श करें तथा अंगूठा, मध्यमा और अनामिका इन उंगलियों की नोकों को एक-दूसरे से लगाएं और यह मृत संजीवनी मुद्रा प्रतिदिन ३० मिनटोंतक करती है, तो उससे उसका हृदय सशक्त रहेगा ।

नालासोपारा में हुई घटना से तनिक भी संबंध न होते हुए परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी की अपकीर्ति करने का अत्यंत अनुचित प्रयास !

नालासोपारा के प्रकरण से दूर-दूर तक संबंध न होते हुए भी सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले के छायाचित्र समाचार में निरंतर दिखाकर उनकी एवं सनातन संस्था की अपकीर्ति करने का अश्लील प्रकार इस समाचार द्वारा किया गया है ।