प.पू. गुरुदेव की अपार कृपा से संत देखने गया एवं संत ही बन गया, एेसी अनुभूति लेनेवाले सनातन के १९ वें संत पू. रमेश गडकरीजी

सनातन संस्था में आने से पूर्व के प्रसंग तथा जानकारी लिखते समय गुरुदेव ने मुझे किस प्रकार संभाला है, इसका भान होकर मेरा कृतज्ञताभाव बढ गया ।

सनातन संस्था अध्यात्मप्रचार करती है, हिंसाचार नहीं ! – श्री. चेतन राजहंस, सनातन संस्था

महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दल ने पिछले कुछ दिनों में कुछ हिन्दुत्वनिष्ठों को बंदी बनाया । ये सभी सनातन के साधक हैं, ऐसा दुष्प्रचार कुछ आधुनिकतावादी व्यक्ति, संगठन, तथा कांग्रेस आदि दलों के राजनेता जानबूझकर कर रहे हैं । इस संदर्भ में समय-समय पर सनातन संस्था ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है; वह हम आज फिर स्पष्ट कर रहे है …

तुकाराम बीज के दिन ही देहू स्थित नांदुरकी वृक्ष क्यों हिलता है ?

आज भी तुकाराम बीज के दिन नांदुरकी वृक्ष दोपहर को ठीक १२:०२ पर संत तुकाराम ने वैकुंठगमन के समय प्रत्यक्ष हिलता है और हजारों भक्तगण इसकी अनुभूति लेते हैं ।

ईश्‍वरनिष्ठ, राष्ट्रप्रेमी तथा धर्मप्रेमी सनातन संस्था को सभी हिन्दुत्वनिष्ठों का जोरदार समर्थन !

समाज के संत, वारकरी संप्रदाय, सनातन के पाठक, हितचिंतक विज्ञापनदाता, जिज्ञासु, धर्मप्रेमी तथा हिन्दुत्वनिष्ठ सनातन के साथ दृढता के साथ खडे हैं ।

साधकों को साधना के लिए प्रेम एवं लगन से मार्गदर्शन करनेवाले नाशिक निवासी सनातन के ४३ वें संत पू. महेंद्र क्षत्रिय !

पू. काकाजी का प्रत्येक साधक की आेर ध्यान रहता है । वे प्रत्येक साधक की साधना की पूछताछ करते हैं तथा उन्हें मार्गदर्शन कर ध्येय का स्मरण करवाते हैं ।

दिशाहीन राज्यकर्ताआें के लोकतंत्र की अपेक्षा हिन्दुआें को धर्मनिष्ठ हिन्दू राष्ट्र चाहिए ! – चेतन राजहंस

देश में सुधार लाने के लिए हिन्दुआें द्वारा चुने हुए शासनकर्ता अब हिन्दुआें के ही मूलपर उठ गए हैं । केंद्र की सरकार अनुसूचित जाती तथा जनजातियों के लिए विधि बनाकर सामाजिक अराजक फैला रही है ।

कागद की लुगदी से बनाई गई गणेशमूर्ति हानिकारक होने का वैज्ञानिकदृष्टि से भी प्रमाणित !

हाल ही में कथित पर्यावरणवादी कागद की लुगदी से बनाई जानेवाली श्री गणेशमूर्ति का समर्थन करते हैं, तथापि उसके कारण कितना प्रदूषण होता है, यह भी जान लेना आवश्यक है । 

‘किसने बनाया यह हिंसक जमावडा ?’, ‘यह खूनी झुंड आती कहांसे हैं ?’ आदि निष्पापता का बुर्का पहने निखिल वागळे द्वारा उपस्थित किए गए प्रश्‍नों की पोलखोल !

अक्षरनामा’ नामक संकेतस्थलपर पत्रकार निखिल वागळे ने ‘यह खूनी झुंड आती कहां से है ?’, इस शीर्षक के तले एक लेख लिखा है । उसके साथ ही ‘मैक्स महाराष्ट्र’ नामक ‘फेसबुक’ खातेपर ‘किसने बनाई यह हिंसक भीड ?’ नामक शीर्षक के नीचे एक चलचित्र (वीडियो) प्रसारित किया है ।

राष्ट्रप्रेम ही धर्मप्रेम है इस सत्य को जान चुका दुर्लभ क्रांतिकारी दामोदर हरि चापेकर !

क्रांतिकारी दामोदर हरि चापेकर द्वारा लिखे गए आत्मवृत्त का कारण यह था कि यह हत्या करने के लिए चापेकर कैसे प्रेरित हुआ, इसकी सच्चाई लिखने के लिए उन्हें कहा गया ।

सनातन संस्था के प्रमुख को गिरफ्तार करने की मांग करनेवाले भ्रष्टाचारी राधाकृष्ण विखे पाटील को ही पहले गिरफ्तार करें !

कांग्रेस के उतावले नेता निरंतर मांग कर रहे हैं, सनातन पर प्रतिबंध लगाओ और सनातन के प्रमुख को गिरफ्तार करो ! कांग्रेस के नेता अपनी चमडी बचाने के लिए सनातन को लक्ष्य करने के लिए यह मांग कर रहे हैं ।