रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम श्री काळभैरव दंड पूजन तथा स्थापना विधि संपन्न !

भारत की क्षेत्रपालदेवता ‘कालभैरव’ श्री क्षेत्र काशी में ‘स्वर्णकालभैरव’ के रूप में विराजमान हैं । पृथ्वीपर कुल ५१ शक्तिपीठ हैं ।

(कहते हैं) ‘हत्या में सहभागी सनातन के कार्यकर्ताआें को पकडकर भी सनातन संस्थापर प्रतिबंध लगाया नहीं जाता !’

डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, र्का. पानसरे, प्रा. कलबुर्गी तथा पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में सहभागी सनातन कार्यकर्ताआें को पुलिस विभाग ने पकडा है ।

बेळगाव के सनातन के साधक प्रसाद हळदणकर ने हैगोपर हो रहा श्री दुर्गादेवी का अनादर रोका !

सनातन के साधक श्री. प्रसाद हळदणकर को इस एप्लिकेशन खोलनेपर उसपर श्री दुर्गादेवी का अनादर करनेवाला चित्र रखे जाने की बात ध्यान में आई ।

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में श्री जगन्नाथदेवता की मूर्ति का प्राणप्रतिष्ठा !

परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी को स्वास्थ्यमय दीर्घायु प्राप्त हो, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य के लिए सभी देवताआें के आशीर्वाद प्राप्त हों, इस संकल्प को लेकर महर्षिजी ने पू. डॉ. उलगनाथन्जी के माध्यम से बताने के अनुसार विजयादशमी के शुभमुहूरतपर १८ अक्टूबर को भगवान जगन्नाथजी की काष्ठ की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा का समारोहन संपन्न हुआ ।

हिन्दुत्व का सच्चा कार्यकर्ता बनने के लिए अध्यात्म सीखें तथा साधना करें ! – श्री. चेतन राजहंस, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

आजकल हिन्दुत्व का कार्य करनेवाले कार्यकर्ताआें को हिन्दू धर्म में विद्यमान अध्यात्म का कोई ज्ञान नहीं होता ।

विजयादशमी को हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए सीमोल्लंघन का निश्‍चय करें ! – सद्गुुरु नंदकुमार जाधवजी, सनातन संस्था

आनेवाली विजयादशमी को हम सभी अन्याय, अधर्म, अंधकार से मुक्ति देनेवाले धर्माधिष्ठित और प्रकाशमान हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए सीमोल्लंघन का निश्चय करेंगे ।

त्रिचूर (केरल) में सनातन की ओर से स्वभावदोष तथा अहंनिर्मूलन के विषय में जिज्ञासुआें का मार्गदर्शन

केरल के त्रिचूर जिले में सनातन की ओर से जिज्ञासुआें के लिए व्याख्यान लिया गया ।

रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में पंचमुखी हनुमानकवच यज्ञ संपन्न !

परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के व्यापक कार्य में अनिष्ट शक्तियों द्वारा उत्पन्न बाधाएं दूर हों तथा आध्यात्मिक कष्टों से साधकों की रक्षा हो; इसके लिए रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में १४ अक्टूबर को तीसरा पंचमुखी हनुमानकवच यज्ञ संपन्न हुआ ।

समाज में विद्यमान दुष्प्रवृत्तियों का वैधानिक पद्धति से निर्दालन करें ! – श्रीमती दीक्षा पेंडभाजे, सनातन संस्था

आनंदी जीवन के लिए साधना की प्रमुख नींव स्वभावदोष तथा अहंनिर्मूलन प्रक्रिया कैसे और क्यों अपनानी चाहिए ?, इस विषय में मार्गदर्शन किया ।

विद्युत दीप से युक्त प्लास्टिक का दीया और मोम का दीया जलाने से वातावरण में नकारात्मक स्पंदन प्रक्षेपित होते हैं, जबकि तिल का तेल और कपास की बाती लगे मिट्टी के पारंपरिक दीये से सकारात्मक स्पंदन प्रक्षेपित होते हैं !

भाईयो और बहनो, दीवाली में विद्युत चीनी दीये और मोम के दीयों को दूर रखें, तिल का तेल और कपास की बाती डालकर मिट्टी के पारंपरिक दीये लगाकर उनका आध्यात्मिक स्तर पर लाभ उठाएं !’