प्रार्थना के उदाहरण – भाग २
विविध कार्यक्षेत्रों से संबंधित व्यक्तियों के लिए उपयुक्त विशेष प्रार्थनाएं एवं दैनिक कृत्य करते समय की जानेवाली प्रार्थना…..
विविध कार्यक्षेत्रों से संबंधित व्यक्तियों के लिए उपयुक्त विशेष प्रार्थनाएं एवं दैनिक कृत्य करते समय की जानेवाली प्रार्थना…..
निम्नलिखित प्रार्थनाएं केवल कुछ उदाहरण हैं । प्रत्येक व्यक्ति अपने भाव के अनुरूप जैसी उन्हें सूझे वैसी प्रार्थना भी कर सकते हैं ।
उषःकाल में प्रार्थना की कुंजी से दिन का द्वार खोलें और रात को प्रार्थना की कुंडी डालकर उसे बंद कर लें’, ऐसा सुवचन है ।यह वैज्ञानिक प्रयोगोंद्वारा भी सिद्ध हो गया है कि प्रार्थना से व्यक्ति को व्यावहारिक एवं आध्यात्मिक लाभ होते हैं ।
आयुर्वेद में न केवल उपचार होता है बल्कि यह जीवन जीने का ऐसा तरीका सिखाता है, जिससे जीवन लंबा और खुशहाल होता है।
आज जनता को अपनी छोटी-छोटी मांगों के लिए भी आंदोलन चलाने पडते हैं । राजनेता भ्रष्ट हो चुके हैं । शिक्षा का बाजारीकरण हो चुका है ।
संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वरजी के कथनानुसार दीप चाहे जितना भी छोटा हो; परंतु उसमें संपूर्ण कक्ष को प्रकाशमान करने का सामर्थ्य होता है ।
संत पू. (श्रीमती) अश्विनी पवारजी ने आश्रम के साधक श्री. बलभीम येळेगावकर (आयु ८४ वर्ष) संतपदपर विराजमान होने की घोषणा की ।
श्री अमरनाथ हिन्दुआें का मुख्य तीर्थक्षेत्र है । प्राचीन काल में उसे अमरेश्वर के नाम से जाना जाता था ।
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों तथा इस कार्य में सहभागी साधकोंसहित सभी हिन्दुत्वनिष्ठों के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक कष्ट दूर हों, साथ ही सभी का आयुवर्धन हो, यह संकल्प लेकर महर्षि भृगुजी की आज्ञा के अनुसार यहां के सनातन के आश्रम में २१ अक्टूबर २०१८ को भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न हुआ ।
बदायूं (उत्तर प्रदेश) के प्राथमिक विद्यालय, नगला सर्कि के प्रांगण में सुबह ६ बजे प्रतिदिन रामायण का पाठ करनेवाले श्री. भगवान सिंह जी को सनातन संस्था की साधिका श्रीमती माधुरी चौहान ने सनातन संस्था के कार्य एवं उद्देश्य की जानकारी दी ।