लखनऊ एवं अयोध्या में सनातन संस्था की ओर से ‘आनंदित जीवन हेतु साधना’ विषयपर प्रवचन
उत्तर प्रदेश के लखनऊ एवं अयोध्या में सनातन संस्था की ओर से ‘आनंदित जीवन हेतु साधना’ विषयपर प्रवचन लिए गए ।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ एवं अयोध्या में सनातन संस्था की ओर से ‘आनंदित जीवन हेतु साधना’ विषयपर प्रवचन लिए गए ।
शालिनी माईणकरजी (आयु ९२ वर्ष) विगत २७ वर्षों से सनातन संस्था के मार्गदर्शन में साधना कर रही हैं । आजकल वे उनकी पुत्री श्रीमती मेधा विलास जोशीसहित नंदनगद्दा, कारवार, कर्नाटक में रहती हैं ।
मूलतः सात्त्विक वृत्ति तथा अल्प अहं से युक्त माईणकरदादीजी ने गृहस्थी के प्रत्येक प्रसंग का सहनशीलता के साथ सामना किया । प्रत्येक प्रसंग को उन्होंने ईश्वरेच्छा के रूप में स्वीकार किया और अध्यात्म को प्रत्यक्षरूप से आचरण में कैसे लाना है ?, इसकी सीख सभी को दी ।
बहुचरामाता मंदिर, राजपुरा में सनातन संस्था के साधक तथा हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं ने मंदिर की सामूहिक स्वच्छता की ।
सप्तर्षि मळा परिसर के हनुमान मंदिर में सनातन संस्था की साधिका श्रीमती वनिता आव्हाड ने ‘आनंदित जीवन हेतु साधना’ विषयपर प्रवचन लिया ।
बोरीवली के प्रतिष्ठित ज्योतिषी श्री. कनुभाई शास्त्री ने हाल ही में रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम का अवलोकन किया ।
सनातन में अध्यात्म के तात्त्विक भाग के साथ प्रायोगिक भाग की भी चरणबद्ध पद्धति से शिक्षा दी जाती है और प्रत्येक साधक की ओर व्यक्तिगत स्तरपर ध्यान देकर उसके द्वारा वह कृती अपेक्षित पद्धति से हो रही है अथवा नहीं, इसे देखा जाता है ।
‘सनातन के आश्रम में विविध संगणकीय सेवाओं के लिए,निम्नांकित क्षमतावाले भ्रमणसंगणक तथा लैपटौप बैग की आवश्यकता है ।
श्रीहनुमान के मारक तत्त्वको आकृष्ट करनेवाली रंगोली मध्यबिंदू से अष्टदिशांमें प्रत्येकी ५ बिंदू श्रीहनुमान के तारक तत्त्वको आकृष्ट करनेवाली रंगोली मध्यबिंदू से अष्टदिशांमें प्रत्येकी ४ बिंदू