भादरा, हनुमानगढ (राजस्थान)के प.पू. डॉ. गुणप्रकाश चैतन्य महाराज द्वारा देवद (पनवेल)के सनातन आश्रमका अवलोकन !

श्री. शिवाजी वटकरने प.पू. गुणप्रकाश चैतन्य महाराजको आश्रममें चल रहे कार्यके विषयमें अवगत कराया ।

श्रीकृष्णजी का क्षेत्र गुजरात के प्राचीन गणपति मंदिर की विशेषता एवं महत्त्व !

१९.३.२०१९ को पू. (डॉ.) उलगनाथन्जी ने बताया, ‘‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में उत्पन्न बाधाएं दूर होने हेतु सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी गुजरात राज्य की राजधानी के पास जो गणेशजी का प्राचीन मंदिर है, उस मंदिर में जाकर वहां बैठकर ५ मिनटतक नामजप करें तथा इस मंदिर की जानकारी लें ।’’

केवल साधक ही नहीं, ,अपितु प्राणी, पशु और पक्षियोंपर भी प्रेमकी वर्षा कर उन्हें अपनानेवाले प.पू. गुरुदेवजी !

सनातन संस्थाके अनेक साधक, बालसाधक एवं युवासाधक पूर्णकालीन साधना हेतु आश्रममें रहने आते हैं, वह केवल परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा उनपर किए जानेवाले निरपेक्ष प्रेमभावके कारण ही !

रामनाथी, गोवा के सनातन के आश्रममें लक्षकुमकुमार्चन विधिके अंतर्गत श्री ललितात्रिपुरसुंदरी देवीका पूजन संपन्न !

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके ७७वें जन्मोत्सवके उपलक्ष्यमें रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में ५ मईसे धार्मिक विधियोंका प्रारंभ हो चुका है ।

साधनाकी तीव्रतासे तडप तथा प्रतिकूल स्थितिमें भी अपनी श्रद्धाको ढलने न देनेवाली सोलापुरकी श्रीमती इंदिरा नगरकरदादी संतपदपर विराजमान !

सोलापुरकी इंदिरा चंदुलाल नगरकरमें विद्यमान सिखनेकी तडप बहुत ही प्रशंसनीय है । उन्होंने आयुके ७३वें वर्षमें पढना और लिखना सीख लिया । दैनिक सनातन प्रभात, साथ ही सनातनके ग्रंथ पढना संभव हो; इस तडपके कारण उन्होंने अक्षरोंसे परिचय करवा लिया ।

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में श्री सत्यनारायण पूजन !

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के ७७वें जन्मोत्सवके उपलक्ष्यमें उन्हें स्वास्थ्यपूर्ण दीर्घायु प्राप्त हो, सनातनके साधकोंकी रक्षा हो तथा हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके कार्यमें उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए सद्गुरुद्वयी द्वारा लिया गया संकल्प !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न । नवग्रहों में सूर्य प्रमुख देवता हैं । जिस प्रकार से श्रीविष्णु ब्रह्मांड का नियमन करते हैं, उसी प्रकार से सूर्यदेव पृथ्वीपर स्थित जीवसृष्टि का नियमन करते हैं । श्‍वसनरोग , नेत्ररोग, हृदयरोग आदि शारीरिक व्याधी (रोग) दूर होकर स्वास्थ्यपूर्ण प्राप्त हो; इसके लिए यह याग किया जाता है ।

अमरावती (महाराष्ट्र) में सनातन संस्था की ओर से साधना विषय पर प्रवचन

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में अमरावती (महाराष्ट्र) में सनातन संस्था की ओर से साधना विषयपर प्रवचन ।

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसव हेतु प्रविष्ट महिलाओं की प्रसव पीडा न्यून हो; इसके लिए संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसवपीडा सहन करनेवाली महिलाओं संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा । इसे ‘साऊंड हिलींग थेरपी’ कहा जाता है ।