रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में श्री सत्यनारायण पूजन !

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के ७७वें जन्मोत्सवके उपलक्ष्यमें उन्हें स्वास्थ्यपूर्ण दीर्घायु प्राप्त हो, सनातनके साधकोंकी रक्षा हो तथा हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके कार्यमें उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए सद्गुरुद्वयी द्वारा लिया गया संकल्प !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न । नवग्रहों में सूर्य प्रमुख देवता हैं । जिस प्रकार से श्रीविष्णु ब्रह्मांड का नियमन करते हैं, उसी प्रकार से सूर्यदेव पृथ्वीपर स्थित जीवसृष्टि का नियमन करते हैं । श्‍वसनरोग , नेत्ररोग, हृदयरोग आदि शारीरिक व्याधी (रोग) दूर होकर स्वास्थ्यपूर्ण प्राप्त हो; इसके लिए यह याग किया जाता है ।

अमरावती (महाराष्ट्र) में सनातन संस्था की ओर से साधना विषय पर प्रवचन

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में अमरावती (महाराष्ट्र) में सनातन संस्था की ओर से साधना विषयपर प्रवचन ।

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसव हेतु प्रविष्ट महिलाओं की प्रसव पीडा न्यून हो; इसके लिए संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसवपीडा सहन करनेवाली महिलाओं संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा । इसे ‘साऊंड हिलींग थेरपी’ कहा जाता है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो, साथ ही हिन्दू राष्ट्र स्थापना में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए देवताओं से मनौती !

सनातन प्रभात नियतकालिकों के पाठक, धर्मशिक्षावर्ग में आनेवाली महिलाएं, धर्मप्रेमियों ने परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो और हिन्दू राष्ट्र स्थापना में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए मुंबई के विविध स्थानोंसहित नई मुंबई और बोईसर में देवताओं से मनौती मांगी गई ।

सनातन के देवद (पनवेल) के आश्रम में धर्मांधों द्वारा बडी मात्रा में जिहाद करने की धमकी का पत्र

देवद (पनवेल) के सनातन के आश्रम में २४ अप्रैल को धर्मांधों की ओर से डाक के द्वारा ऊर्दूमिश्रित हिन्दी भाषा में धमकी का गुमनाम पत्र मिला है । इस पत्र में धर्मांधों ने बडी मात्रा में जिहाद की धमकी दी है । लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमिपर आचारसंहिता लागू होने के समय ही ऐसा पत्र मिलना बहुत गंभीर बात है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा हस्तस्पर्श किए गए उनकी पादुकाओं का मंगलुरू सेवाकेंद्र में आगमन एवं प्रतिष्ठापना !

हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु अखंड चैतन्य की आपूर्ति करनेवाले तथा परात्पर गुर डॉ. आठवलेजी द्वारा भृगु महर्षिजी की आज्ञा से हस्तस्पर्श किए गए पादुकाओं का मंगलुरू के सेवाकेंद्र में चैत्र कृष्ण पक्ष नवमी अर्थात २८ अप्रैल के मंगल दिवसपर दोपहर १२ बजे आगमन हुआ ।

सादगीभरी जीवनशैली और उच्च विचारधारावाले निरासक्त कर्मयोगी बेळगाव (कर्नाटक) के ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त पू. (डॉ.) नीलकंठ अमृत दीक्षितजी (आयु ९० वर्ष) !

मेरे विवाह के पश्‍चात मेरे पति ने कर्नाटक राज्य के अनेक गांवों मे चिकित्सीय अधिकारी के रूप में काम किया; परंतु उन्होंने कभी अपने अधिकार का दुरुपयोग किया हो, ऐसा मैने कभी नहीं देखा ।

सनातन आश्रम में कोटा पटिया पर अपनेआप बने ॐ के चारों ओर श्‍वेत वलय निर्मित होना

साधना करने से व्यक्ति की आध्यात्मिक शक्ति जैसे-जैसे बढती है, वैसे-वैसे उसमें तथा उसके आसपास की वस्तुओं में भी, अनेक सकारात्मक परिवर्तन होने लगते हैं ।

कर्म, ज्ञान एवं भक्ति का सुंदर संगम बने बेळगाव (कर्नाटक) के डॉ. नीलकंठ दीक्षितजी (आयु ९० वर्ष) सनातन के ८७ वें व्यष्टि संतपदपर विराजमान !

पू. दीक्षितदादाजी सदैव निर्विचार अवस्था में तथा अखंड भाव की स्थिति में होते हैं । दादाजी के शरीर में दैवीय परिवर्तन आए हैं तथा उनके अस्तित्व के कारण उनके निवास में भी परिवर्तन आए हैं ।