अशून्यशयन व्रत
इस दिन शेषशय्यापर विराजमान श्रीवत्स चिन्हांकि, ४ भुजाओं से युक्त एवं लक्ष्मीजीसहित विराजमान श्री नारायणजी का पूजन किया जाता है ।
राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में सतर्क रहनेवाले आदर्श धर्मरक्षक श्री. शिवाजी वटकर (आयु ७२ वर्ष) सनातन संस्था के १०२वें संत घोषित !
निष्ठापूर्वक धर्मकार्य करनेवाले देवद आश्रम के साधक श्री. शिवाजी वटकर (आयु ७२ वर्ष) के रूप में सनातन संस्था को क्षात्रतेजयुक्त संतरत्न की प्राप्ति हुई है ।
भावभक्ति की अनुभूति करानेवाली पंढरपुर की यात्रा (वारी)
व्यक्तिगत जीवन के अभिनिवेष बाजू में रखकर ईश्वर के नामस्मरण में देहभान भूलानेवाला एक आध्यात्मिक समारोह है पंढरपुर की पैदल यात्रा (वारी) !
अध्यात्म के सर्वोच्चपदपर विराजमान होते हुए भी अखंडित शिष्यभाव में रहनेवाला महान व्यक्तित्व !
प.पू. डॉक्टजी सर्वोच्च परात्पर गुरुपदपर विराजमान हैं । इतनी उच्च स्थिति में होते हुए भी प.पू. डॉक्टरजी ने अपने शिष्यत्व को टिकाए रखा है । यह उनके अनेक कृत्यों से सिखने के लिए मिलता है ।
संतों के प्रति भाव रखनेवाले तथा जिन्होंने वास्तव में संतत्व का मोल जाना, वे परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी !
जो सच्चे संत हैं, उनके प्रति परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का भाव कैसा होता है, इसके कुछ प्रातिनिधिक उदाहरण हम इस लेख में देखेंगे । शब्दशः बताना हो, तो परात्पर गुरुदेवजी ने संतों का मोल जितना जाना है, उतना शायद ही अभीतक किसी ने जाना होगा ।
ग्रहणकाल में विद्यमान संधिकाल की गुरुपूर्णिमा के दिन गुरुपूजन के कार्यक्रम में उपस्थित होने से कष्ट न होकर लाभ ही होगा !
इस वर्ष गुरुपूर्णिमा के दिन अर्थात १६.७.२०१९ को आंशिक चंद्रग्रहण है । ग्रहणकाल में गुरुपूजन के कार्यक्रम में उपस्थित होने से कष्ट न होकर लाभ ही होगा ।
भारत में दिखाई देनेवाला आंशिक चंद्रग्रहण, उस अवधि में पालन करने आवश्यक नियम तथा मिलनेवाला फल !
‘भारत में १६.७.२०१९ (आषाढ पूर्णिमा) और १७.७.२०१९ ये दोनों दिनों को आंशिक चंद्रगहण है ।
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के सिर के बालों के आकार में बदलाव आने का विश्लेषण !
संतों के चरणों से चैतन्य का सर्वाधिक प्रक्षेपण होता है । उसी प्रकार से अवतारी कार्य करनेवाले परात्पर गुरुदेवजी के सिर के बालों के मूल से समष्टि हेतु आवश्यक चैतन्य प्रक्षेपण होता है ।
सनातन संस्था की ओर से फरीदाबाद में प्रवचन का आयोजन
फरीदाबाद (हरियाणा) यहां की सैनिक कालोनी में अक्षय तृतीया के अवसर पर सनातन प्रभात की पाठक श्रीमती मंजू धीमान के घर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया था ।
