पुणे के महान संत प.पू . आबा उपाध्येजी द्वारा व्याधि निवारण हेतु बताए गए कुछ उपाय

पुणे के महान संत प.पू . आबा उपाध्येजी द्वारा व्याधि निवारण हेतु बताए गए कुछ उपाय

गर्भ में जीवात्मा का प्रवेश कब होता है ?

मां के गर्भ में पल रहे लगभग ६ से ८ मास के शिशु में प्राणों का प्रवेश होता है, ऐसा नहीं है, अपितु जिस क्षण गर्भाशय में शुक्राणु एवं स्त्रीबीज का संयोग होता है, उसी क्षण उसमें जीवात्मा प्रवेश करता है । गर्भ की वृद्धि होने के लिए भी चैतन्य ही कारणभूत होता है ।

दीप अमावस्या को गटारी (नाली) अमावस्या कहकर टोकनेवाले धर्मद्रोही विचारों का खण्डन !

हिन्दू इस त्योहार के प्रति लोगों में जागृति लाकर आज इस त्योहार को जो विकृत स्वरूप प्राप्त हुआ है, उसे रोकने हेतु प्रयास करें । हिन्दुओं को इस माध्यम से हमारे त्योहार और संस्कृति का सम्मान करने हेतु संगठित होना चाहिए ।

भुसावळ (महाराष्ट्र) में ‘आनंदप्राप्ति हेतु साधना’ विषयपर प्रवचन

जळगांव के श्री विठ्ठल मंदिर में २२ जुलाई को सायंकाल ६.३० बजे ‘आनंदप्राप्ति हेतु साधना’ विषयपर सनातन संस्था के सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी ने मार्गदर्शन किया ।

कर्नाटक के मणिपाल विश्‍वविद्यालय के मुख्य उपक्रम अकिरी डॉ. अरुण शानभाग द्वारा रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम का अवलोकन

कर्नाटक के सुप्रसिद्ध मणिपाल विश्वविद्यालय के मुख्य उपक्रम अधिकारी (चीफ इनोवेशन ऑफिसर) डॉ. अरुण शानभाग ने रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम का परिवारसहित अवलोकन किया ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के शरीर में विद्यमान निर्गुण तत्त्व के कारण उनके सिरहाने के आवरणपर ॐ अंकित होने का अर्थ ‘ॐ’ कार के माध्यम से सगुणरूप में साकार नादब्रह्म !

८.७.२०१९ को परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के नियमित उपयोगवाले सिरहाने के आवरण के २ स्थानोंपर ॐ अंकित हुआ दिखाई दिया ।

अपनी लडकी का आध्यात्मिक स्तरपर मार्गदर्शन करनेवाली पू. (श्रीमती) संगीता जाधव !

‘मुझे बचपन से ही माता-पिता का सान्निध्य अल्प मिला । मैं ५ – ६ वर्षतक घरपर ही रही और उसके पश्चात शिक्षा हेतु पुणे में १ वर्ष और उसके पश्चात मिरज आश्रम में ४ वर्षोंतक रही ।