
‘इस वर्ष गुरुपूर्णिमा के दिन अर्थात १६.७.२०१९ को आंशिक चंद्रग्रहण है । ग्रहणकाल में गुरुपूजन के कार्यक्रम में उपस्थित होने से कष्ट न होकर लाभ ही होगा । गुरुपूर्णिमा के दिन कई स्थानोंपर गुरुपूजन के कार्यक्रम होते हैं । ‘ग्रहण नहीं देखना चाहिए’, इस भय से कई बार समाज के लोग, विशेषरूप से बच्चे और गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलते । १६.७.२०१९ की मध्यरात्रि १.३२ बजे से प्रातः ४.३० तक आंशिक चंद्रग्रहण है । इसका अर्थ १६.७.२०१९ की गुरुपूर्णिमा के दिन गुरुपूजन का कार्यक्रम समाप्त होनेतक ग्रहण न होने से उसे अज्ञानवश भी देखने का प्रश्न ही नहीं उठता । १६.७.२०१९ को दोपहर ४ बजे से ग्रहणमोक्षतक अर्थात १७.७.२०१९ तक ग्रहण का पालन करें । बच्चे, रोगी, निर्बल व्यक्ति तथा गर्भवती महिलाएं १६.७.२०१९ से ग्रहणमोक्षतक ग्रहण का पालन करें । ग्रहणकाल संधिकाल होने से वेधारंभ से लेकर ग्रहणसमाप्तितक नामजप, सेवा, गुरुपूजन आदि करने से उसका सहस्र गुना लाभ मिलेगा । इस अवधि में भोजन निषेध होने से अन्नपदार्थ न खाएं; परंतु पानी पीना, मल-मूत्रोत्सर्ग जैसे कर्म किए जा सकते हैं । गुरुपूर्णिमा के रात में ग्रहण होने का अर्थ यह संधिकाल की गुरुपूर्णिमा है । इस दिन गुरुदेवजी से की जानेवाली प्रार्थना, कृतज्ञता, सेवा, दान, श्रवण और चिंतन का अनंत गुना लाभ मिलेगा । आजकल संकटकाल होने से पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुपूर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण है । समर्पित भाव से गुरुऋण चुकाने का यह स्वर्णिम अवसर है । सभी इसका लाभ उठाएं ।’
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का पटना, बिहार में ‘अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन’ में...
भारत को आध्यात्मिक कवच प्रदान करने के लिए मुंबई में सनातन संस्था द्वारा आयोजित ‘श्री...
भारत की रक्षा हेतु मुंबई में 17 मई को ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’
‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर सनातन संस्था की साधिकाओं का सम्मान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक द्वारा सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी का सम्मान
‘श्रीगुरु गौरव दीक्षा शताब्दी महोत्सव’ में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले...