मुंबई एवं नई मुंबई में रामनाम संकीर्तन अभियान के माध्यम से हिन्दू एकता की वज्रमुट्ठी!
हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु ईश्वर की कृपा से रामनाम संकीर्तन अभियान के माध्यम से हिन्दू एकता की वज्रमुट्ठी को शक्तिशाली बनाने का अवसर प्राप्त हुआ है ।
हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु ईश्वर की कृपा से रामनाम संकीर्तन अभियान के माध्यम से हिन्दू एकता की वज्रमुट्ठी को शक्तिशाली बनाने का अवसर प्राप्त हुआ है ।
कोल्हापुर जनपद में आई बाढ से पीडित लोगों की सहायता करने में विविध संस्थाएं और संगठन अपनी-अपनी क्षमता के अनुरूप कार्यरत हैं । इसमें सनातन संस्था के साधक, हिन्दू जनजागृति के कार्यकर्ता, साथ ही धर्मप्रेमी और हिन्दुत्वनिष्ठों ने भी बडी संख्या में भाग लिया है ।
१५ अगस्त के स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमिपर ८ अगस्त को राष्ट्रध्वज का सम्मान करने के संदर्भ में जिलाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी सुनील चव्हाण तथा विविध प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विविध राष्ट्रप्रेमी संगठनों की बैठक संपन्न हुई ।
माधवम् को केरल विद्यालय के खगोलशास्त्र एवं प्राचीन गणितशास्त्र का संस्थापक माना जाता है ।
कोई भी ध्वजसंहिता के अनुसार राष्ट्रध्वज का अनादर करेंगे, उनके विरुद्ध उचित कारवाई की जाए, इस मांग को लेकर ३० जुलाई को यहां के पुलिस उपाधीक्षक नरुल हसन को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।
ईश्वरके कर्म भावातीत होनेसे वे शुद्धस्वरूप होते हैं; इसलिए उन्हें ‘लीला’ कहते हैं ।
२८ जुलाई को यहां के शिरोली के मसोबा मंदिर में ‘हिन्दू संस्कृति का महत्त्व एवं लव जिहाद का बढता संकट’ विषयपर सनातन संस्था की आधुनिक वैद्या (श्रीमती) शिल्पा कोठावळे ने मार्गदर्शन किया ।
शिवबाड़ी बीकानेर के श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर में १४ से १६ जुलाई कालावधि में श्रीगुरु-व्यास गुरुपूर्णिमा महोत्सव एवं संवित साधक सम्मलेन आयोजित किया गया था ।
सावता माळी ‘कर्म करते रहना ही वास्तविक ईश्वरसेवा है’, इस प्रवृत्तिमार्गी सीख देनेवाले संत हैं ।
गुरुदेव डॉ. नारायणानंदनाथ काटेस्वामीजी उत्तरप्रदेश के महान संत धर्मसम्राट करपात्री स्वामीजी के शिष्य है ! गुरुदेव ने पुणे विद्यापीठ में ‘डॉक्टरेट’ की पदवी प्राप्त की थी । उन्होंने जीवन का अधिक समय हिमालय में व्यतीत किया ।