परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को अवतार कहने के पीछे क्या शास्त्र है, यह जानने की अपेक्षा उनपर टिपण्णी करनेवालों, इस बात की ओर ध्यान दीजिएं !

‘१८ तथा १९ मई को महर्षी की आज्ञा से परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का अमृत महोत्सव संपन्न हुआ था । उस समय उन्होंने महर्षी की ही आज्ञा से श्रीकृष्ण एवं श्रीराम के वस्त्रालंकार धारण किए थे । इस समारोह पर कुछ बुद्धिप्रामाण्यवादी टिपण्णी कर रहे हैं । वास्तविक रूप से परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने कभी भी स्वयं को … Read more

हिंदू धर्मग्रंथ मांसभक्षण का समर्थन नही, निषेधही करते है ।

“वेदों मे मांसभक्षण” का झूठा और निराधार प्रचार यवनों और मलेक्षों द्वारा हमारी संस्कृति को कलंकित करने के उद्देश्य और क्षुदा पूर्ती से किया गया था ।

चरकसंहिता में गोमांस निषिद्ध ही है !

वैज्ञानिक पी.एम. भार्गव द्वारा गोमांस के विषय में किए गए वक्तव्य का प्रतिवाद शास्त्रज्ञ (?) पी.एम. भार्गव द्वारा किया गया वक्तव्य कि आयुर्वेद के अनुसार गोमांस अनेक व्याधियों पर समाधान !, यह वक्तव्य अर्धसत्य है । चरकसंहिता में गोमांस के गुणधर्म बताए गए हैं । १. प्राचीन समय में आयुर्वेद का अध्ययन करने से पूर्व … Read more

‘सनातन संस्था ब्राह्मणवादी तथा मनुवादी है’, इस आरोपोंका खण्डन करें ! – पू. संदीप आळशी

सनातन के साधकों एवं हितचिंतकों, कॉ. पानसरे हत्त्या के संदर्भ में सनातन संस्था के एक साधक को आशंका के कारण बंदी बनाया गया। इसी कारण वश सनातन संस्था तथा हिन्दू धर्म के विरोधक सनातन के बारे में अपप्रचार कर उधम मचा रहे हैं।

भगवान श्रीराम संबंधी आलोचनाएं अथवा अनुचित विचार एवं उनका खंडन

धर्महानिको रोकने हेतु हिंदुओंको बौद्धिक बल प्राप्त होनेके लिए, व्रतोंके संबंधमें अनुचित धारणा और आलोचनाओंका खंडन दे रहे हैं ।

‘विवाहसंस्कार’से संबंधित आलोचना अथवा अनुचित विचार एवं उनका खंडन

धर्मकी हानिको रोककर हिंदुओंको बौद्धिक सामर्थ्य प्राप्त हो इस हेतु ‘विवाहसंस्कार’से संबंधित अनुचित विचार एवं उनका खंडन कर रहे हैं ।

‘व्रत’संबंधी आलोचनाएं अथवा अनुचित विचार और उनका खंडन

धर्महानिको रोकने हेतु हिंदुओंको बौद्धिक बल प्राप्त होनेके लिए, व्रतोंके संबंधमें अनुचित धारणा और आलोचनाओंका खंडन दे रहे हैं ।