विदेश में प्राचीन हिन्दू संस्कृति के संकेतचिह्न
‘इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह और मुसलमानबहुल राष्ट्र है, तब भी यहां पर महान हिन्दू संस्कृति की जडें गहरी पाईं गईं हैं ।
‘इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह और मुसलमानबहुल राष्ट्र है, तब भी यहां पर महान हिन्दू संस्कृति की जडें गहरी पाईं गईं हैं ।
श्रीराम के जन्म के उपलक्ष्य में श्रीरामनवमी मनाई जाती है । इस दिन जब पुष्य नक्षत्रपर, माध्यान्हके समय, कर्क लग्न में सूर्यादि पांच ग्रह थे, तब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ ।
‘धार्मिक समारोह मनानेवाले और उसमें सहभागी होनेवाले, इन दोनों को जिससे आनंद और चैतन्य की अनुभूति होती है, उसे उत्सव कहते हैं ।
नित्य उपासना में भाव अथवा सगुण तत्वकी, तथापि गणेशाेत्सव में आनंद अथवा निर्गुण तत्त्वकी रंगोलियां बनाएं ।
किसान-समाजमें इस उत्सवका अत्यधिक महत्त्व है । बुआई हो जानेपर खेतीके कामोंसे बैल खाली हो जाते हैं, तब उन्हें रगडकर नहलाया जाता है, उनकी आरती उतारी जाती है एवं नैवेद्य दिखानेके पश्चात दोपहरमें उन्हें रंगकर एवं सजाकर गांवमें जुलूस निकाला जाता है ।
श्रीहनुमान के मारक तत्त्वको आकृष्ट करनेवाली रंगोली मध्यबिंदू से अष्टदिशांमें प्रत्येकी ५ बिंदू श्रीहनुमान के तारक तत्त्वको आकृष्ट करनेवाली रंगोली मध्यबिंदू से अष्टदिशांमें प्रत्येकी ४ बिंदू
गणेशभक्तो, गणेश चतुर्थी के काल में आपने श्री गणेश की भक्तिभाव एवं धर्मशास्त्रानुसार सेवा की । अब उनका धर्म शास्त्रानुसार विसर्जन करने के स्थान पर प्रसिद्धि के लिए पर्यावरण रक्षा का ढोंग करनेवाले नास्तिकों के हाथ में मूर्ति सौंपनेवाले हो क्या ? धर्मद्रोहियों के आवाहन की बलि चढ, विसर्जन न करने के महापाप से बचें ।
धर्महानि रोकना कालानुसार आवश्यक धर्मपालन है और वह उस देवता की समष्टि स्तर की साधना ही है । बिना इस उपासना के देवता की उपासना पूर्ण नहीं हो सकती है ।
हाल ही में कथित पर्यावरणवादी कागद की लुगदी से बनाई जानेवाली श्री गणेशमूर्ति का समर्थन करते हैं, तथापि उसके कारण कितना प्रदूषण होता है, यह भी जान लेना आवश्यक है ।