गणेशतत्त्व आकर्षित करनेवाली रंगोलियां

नित्य उपासना में भाव अथवा सगुण तत्वकी, तथापि गणेशाेत्सव में आनंद अथवा निर्गुण तत्त्वकी रंगोलियां बनाएं ।

पोला (बैलोंका त्यौहार – बेंदुर अथवा बेंडर)

किसान-समाजमें इस उत्सवका अत्यधिक महत्त्व है । बुआई हो जानेपर खेतीके कामोंसे बैल खाली हो जाते हैं, तब उन्हें रगडकर नहलाया जाता है, उनकी आरती उतारी जाती है एवं नैवेद्य दिखानेके पश्‍चात दोपहरमें उन्हें रंगकर एवं सजाकर गांवमें जुलूस निकाला जाता है ।

श्री गणेश मूर्ति का विसर्जन बहते पानी में करें !

गणेशभक्तो, गणेश चतुर्थी के काल में आपने श्री गणेश की भक्तिभाव एवं धर्मशास्त्रानुसार सेवा की । अब उनका धर्म शास्त्रानुसार विसर्जन करने के स्थान पर प्रसिद्धि के लिए पर्यावरण रक्षा का ढोंग करनेवाले नास्तिकों के हाथ में मूर्ति सौंपनेवाले हो क्या ? धर्मद्रोहियों के आवाहन की बलि चढ, विसर्जन न करने के महापाप से बचें ।

देवता को चित्र-विचित्र रूप में दिखाकर देवता की अवकृपा ओढ न लें !

धर्महानि रोकना कालानुसार आवश्यक धर्मपालन है और वह उस देवता की समष्टि स्तर की साधना ही है । बिना इस उपासना के देवता की उपासना पूर्ण नहीं हो सकती है ।

मुंबई में कुछ मूर्तिकारों द्वारा सूर्यफूल के बीजवाली तथाकथित पर्यावरण पूरक श्री गणेशमूर्ति !

धारावी तथा परळ के कुछ मूर्तिकार पर्यावरण के नाम पर विघटन होने के लिए सक्षम (‘बायोडिग्रेडेबल’) श्री गणेशमूर्ति सिद्ध कर रहे हैं । यह मूर्ति सिद्ध करते समय सिद्ध किए गए मोल्ड में लाल मिट्टी तथा खत रखा जाता है ।

कागद की लुगदी से बनाई गई गणेशमूर्ति हानिकारक होने का वैज्ञानिकदृष्टि से भी प्रमाणित !

हाल ही में कथित पर्यावरणवादी कागद की लुगदी से बनाई जानेवाली श्री गणेशमूर्ति का समर्थन करते हैं, तथापि उसके कारण कितना प्रदूषण होता है, यह भी जान लेना आवश्यक है । 

श्री गणेशमूर्ति विसर्जन का विरोध करनेवाले ढोंगी सुधारकों की टोली का पशुवधगृह और अपशिष्ट जल (गंदे पानी) के कारण होनेवाले जलप्रदूषण की ओर अनदेखा !

नियंत्रक और महालेखापरीक्षक का आर्थिक वर्ष २०१०-११ (३१ मार्च २०११ को समाप्त हुआ आर्थिक वर्ष) के ब्यौरे में जलप्रदूषण के स्रोत के विषय में बताते हुए उन्होंने पशुवधगृहों का उल्लेख किया था । उसमें आगे दिए अनुसार कहा है ।

श्री गणेशभक्तो, क्या आप ये जानते हैं ?

श्री गणेश ब्रह्मांड की दूूषित शक्ति को आकर्षित करनेवाले हैं, इसके साथ ही मनुष्य की बुद्धि में विवेक निर्माण करनेवाले हैं । श्री गणेश की उपासना से विकल्पशक्ति प्रभाव नहीं डालती ।