नित्य उपासना में भाव अथवा सगुण तत्वकी, तथापि गणेशाेत्सव में आनंद अथवा निर्गुण तत्त्वकी रंगोलियां बनाएं ।
आनंद की अनुभुति देनेवाली गणेशतत्त्व की रंगोली
१३ बिंदु : १३ रेखाएं


भाव की अनुभुति देनेवाली गणेशतत्त्व की रंगोली
१४ बिंदु : १४ रेखाएं

एक ही पट्टीमें रंगोलियां
तुलसीवृंदावन, पूजाघर, पूजामें प्रयुक्त चौकीके निकट एवं आरती उतारना इत्यादि शुभ प्रसंगोंमें प्रयुक्त पीढा इत्यादिके चारों ओर आगे दी गई रंगोलियां बनाएं ।
आनंद की अनुभुति देनेवाली गणेशतत्त्व की रंगोली
१५ बिंदु : ५ रेखाएं

आनंद की अनुभुति देनेवाली गणेशतत्त्व की रंगोली
२५ बिंदु : ४ रेखाएं

सामाजिक माध्यमों द्वारा श्रीगणेश के नाम पर पारपत्र प्रसारित कर श्रीगणेश का अनादर !
कोरोना महामारी के काल में श्री गणेशमूर्ति का आगमन, पूजन और विसर्जन !
पूजासाहित्य की सूची
‘गणेशमूर्ति मिट्टी की ही क्यों होनी चाहिए ?
विदेश में प्राचीन हिन्दू संस्कृति के संकेतचिह्न