‘खडकवासला जलाशय रक्षा’ अभियान में सनातन संस्था का सक्रिय सहभाग
इस वर्ष भी सुबह ९ बजे से सायंकाल ७ बजेतक जलाशय के इर्द-गिर्द मानवीय शृंखला बनाई गई और रंगों में रंगे हुए युवक-युवतियों का उद्बोधन कर उन्हें जलाशय के पानी में उतरने से रोका गया ।
इस वर्ष भी सुबह ९ बजे से सायंकाल ७ बजेतक जलाशय के इर्द-गिर्द मानवीय शृंखला बनाई गई और रंगों में रंगे हुए युवक-युवतियों का उद्बोधन कर उन्हें जलाशय के पानी में उतरने से रोका गया ।
विश्रामबाग (सांगली) के खरे मंगल कार्यालय में १ मार्च को ‘आनंदमय जीवन हेतु साधना’ पर सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडयेजी का मार्गदर्शन संपन्न हुआ ।
मिलापुर में आयोजित नृत्य के एक कार्येक्रम में सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ और सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । इस अवसरपर तमिलनाडू राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्री के. पंडियाराजन् ने सनातन संस्था की इस ग्रंथप्रदर्शनी का अवलोकन कर ग्रंथों की जानकारी ली ।
हम हिन्दुओं ने समय रहते ही अपने धर्म का अध्ययन नहीं किया, तो भविष्य में हमें विदेशी लोगों से अध्यात्म समझकर लेने की स्थिति आएगी ।
२१ फरवरी २०२० को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में सनातन संस्था द्वारा देहली और उत्तरप्रदेश के कुछ शहरों में ग्रंथ और सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई ।
सनातन संस्था द्वारा महाशिवरात्रि पर उत्तरप्रदेश और बिहार राज्यों में विविध स्थानों पर अध्यात्मप्रसार के निमित्त ग्रंथ और सात्त्विक उत्पादनों का प्रदर्शन लगाया गया था ।
चेन्नई (तमिळनाडु) के नंगमबक्कम में स्थित श्री देवी करूमारी अम्मन मंदिर में सनातन संस्था की साधिका श्रीमती कल्पना बालाजी ने तमिळ नववर्ष, जन्मदिन कैसे मनाएं ?, शिवरात्रि का महत्त्व, कुलदेवता और दत्त का नामजप करने का महत्त्व इत्यादि पर मार्गदर्शन किया ।
कोची (केरळ) में १४ से १६ फरवरी तक यहां माता अमृतानंदयी द्वारा स्थापित अमृता स्कूल ऑफ आर्टस् एंड सायन्स’ में समग्र – नैशनल सेमिनार ऑन इंडियन लिटरेचर एंड कल्चर’ कार्यक्रम में सनातन संस्थाने पुस्तक मेले का आयोजन किया गया था ।
चेन्नई (तमिळनाडु) में अरूम्बक्कम भाग के पेरूमल स्कूल में ९ फरवरी को विशेष सत्संग समारोह संपन्न हुआ ।
सनातन प्रभात के पाठक, धर्मप्रेमी एवं जिज्ञासुओं के लिए सांगली जनपद में सनातन संस्था की ओर से साधना शिविर लिए गए ।
