राष्ट्र एवं धर्म का कार्य करते समय ईश्‍वरी अधिष्ठान का होना आवश्यक ! – सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी, सनातन संस्था

राष्ट्र एवं धर्म का कार्य करते समय उसके लिए ईश्वरीय अधिष्ठान आवश्यक है; इसलिए प्रत्येक धर्मप्रेमी को धर्मकार्य करते समय उसे आध्यात्मिक उन्नति के उद्देश्य से साधना के रूप में करना चाहिए । साधना का अर्थ आनंदप्राप्ति हेतु निरंतर करने के प्रयास !

आज के समय में शास्त्र के अनुसार शाडू की मिट्टी से बनी श्री गणेशमूर्ति की स्थापना करना तथा उसके लिए उद्बोधन की आवश्यकता ! – वैद्य (श्रीमती) दीक्षा पेंडभाजे

आजकल उत्सवों में काल के अनुसार परिवर्तन किए जा रहे हैं, जिससे कि उत्सवों की पवित्रता ही नष्ट हो रही है ।

भादरा (हनुमानगढ, राजस्थान) के पू. गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज द्वारा रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम से सदिच्छा भेंट !

पू. डॉ. गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज ने कहा, ‘‘आज की युवा पीढी हिन्दू संस्कृति से दूर चली गई है । यह पीढी १६ संस्कार तथा धार्मिक विधियों को अस्वीकार कर रही है ।

गणेशोत्सव के समय में मुंबई में विविध स्थानांपर प्रवचन, फ्लेक्स-ग्रंथ प्रदर्शनी आदि के माध्यम से अध्यात्मप्रसार !

गणेशोत्सव के समय में सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से अनेक स्थानोंपर हस्तपत्रिकाएं, भितीपत्र, फ्लेक्स-ग्रंथ प्रदर्शनी, प्रवचन जैसे विविध माध्यमों से अध्यात्मप्रसार किया गया ।

नासिक की तापी नदी में फेंकी गई गणेशमूर्तियों का विधिवत पूजन कर उनका पुनः विसर्जन

घनश्याम अगरवाल मित्रमंडल के कार्यकर्ता तथा सनातन संस्था के साधकों ने तापी नदी में पूजा सामग्री की स्वच्छता कर फेंकी गई गणेशमूर्तियों को उठाकर पानी के दह में उनका विधिवत पूजन कर उनका पुनः विसर्जन किया ।

पुणे जिले में सनातन के विविध उपक्रमों का समाज द्वारा बढता प्रत्युत्तर !

नेरे (तहसील भोर) के बालसिद्धेश्वर गणेशोत्सव मंडल में सनातन संस्था की ओर से लिए गए ‘ज्येष्ठ गौरी तथा श्री गणेशपूजन का अध्यात्मशास्त्र’ प्रवचन में ५०० से भी अधिक, अर्थात पूरा गांव ही उमडा था ।

सनातन के साधक और हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताआें द्वारा कोलकाता के श्री सत्यानंद महापीठ के स्वामी मिगरानंद महाराज से भेंट

स्वामीजी ने समिति और संस्था के कार्य की प्रशंसा की, साथ ही विगत ३५ वर्षों से वे अपने स्तरपर हिन्दू राष्ट्र के लिए कार्यरत हैं, इसकी जानकारी भी दी ।

देवता को चित्र-विचित्र रूप में दिखाकर देवता की अवकृपा ओढ न लें !

धर्महानि रोकना कालानुसार आवश्यक धर्मपालन है और वह उस देवता की समष्टि स्तर की साधना ही है । बिना इस उपासना के देवता की उपासना पूर्ण नहीं हो सकती है ।

धर्मशास्त्र समझकर गणेशोत्सव मनाएं एवं आध्यात्मिक दृष्टि से उत्सव का लाभ उठाएं ! – विवेक पेंडसे, सनातन संस्था

गोवा दूरदर्शन पर्यावरण, स्वास्थ्य, महिलाआेंकी सुरक्षा, शिक्षा, उत्सव आदि अनेक विषयों पर समाज से सीधे संवाद करने के लिए लाइव फोन इन कार्यक्रम का आयोजन करता है ।

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य से समाज में जागृति हो रही है ! – गणेशमूर्तिकार, देवगढ

गणेशोत्सव उद्बोधन अभियान के अतंर्गत श्री गणेशमूर्ति संबंधी शास्त्रीय जानकारी देने पर श्री. दहिबांवकर बोले कि हिन्दू जनजागृति समिति उद्बोधन करती है, यह १०० प्रतिशत ठीक है ।