‘राम से बडा राम का नाम’ उक्ति सार्थ करनेवाले भक्तशिरोमणि हनुमान !
‘जो कोई प्रभु श्रीराम का स्मरण करेगा, उसकी सुरक्षा हनुमानजी करेंगे और उस व्यक्ति का कोई भी अहित नहीं कर सकेगा’, ऐसा वर हनुमानजी ने मांगा ।
‘जो कोई प्रभु श्रीराम का स्मरण करेगा, उसकी सुरक्षा हनुमानजी करेंगे और उस व्यक्ति का कोई भी अहित नहीं कर सकेगा’, ऐसा वर हनुमानजी ने मांगा ।
अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज की ओर से २६ मई को विदर्भस्तरीय ‘ऑनलाईन’ महिला समारोह आयोजित किया गया था ।
भारतीय संस्कृति में जो प्राचीन काल से बताया गया है, उसपर अब पाश्चात्य वैज्ञानिक शोध कर उसकी पुष्टि कर रहे हैं ।
गुरु ही हमारे हृदय में वास कर हमारा प्रतिपालन करते हैं, हमारा हाथ पकडकर हमें साधनापथ पर आगे-आगे ले जाते हैं और हमारे कल्याण के लिए सर्व करते हैं । तो हमें किस बात का अभिमान है ?
सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से मुंबई, ठाणे, रायगड और गुजरात के उद्योगपतियों के लिए २१ मई को ऑनलाईन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था ।
गुरु द्वारा कोई सेवा बताई जाने पर वह करना, यह मात्र चाकर (नौकर) अथवा दूत समान हुआ; परंतु गुरु को जो अभिप्रेत है (अर्थात ‘श्री’ गुरु की इच्छा जानकर), वह करना सद्शिष्य का लक्षण है ।
कोरोना का संकट आनेपर संकटकालीन स्थिति उत्पन्न होने की चर्चा आरंभ हो गई । एक सूक्ष्म विषाणु ने देखते ही देखते संपूर्ण विश्व का परिवहन (यातायात) ठप्प कर दिया ।
दृश्य-श्रव्यचक्रिकाओं के माध्यम से घर-घर धर्मज्ञान का दीप जलाने का समष्टि ध्येय के साथ-साथ अंतःकरण भक्तिभाव से प्रकाशमय करना, यह ध्वनिचित्रीकरण सेवा के साधकों का व्यष्टि ध्येय है !
‘इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह और मुसलमानबहुल राष्ट्र है, तब भी यहां पर महान हिन्दू संस्कृति की जडें गहरी पाईं गईं हैं ।
भगवान का अस्तित्व प्रत्येक कृति करते समय तथा प्रत्येक क्षण अनुभव करना, प्रत्येक कृति करते समय भगवान के अस्तित्व की अनुभूति लेना, अथवा ईश्वर के अस्तित्व का भान होना, यही है भाव !