कहां आधुनिक लेखकों का लेखन और कहां संतों का लेखन !

        संत मीराबाई, संत तुलसीदास, संत कालीदास, संत जनाबाई, संत नामदेव महाराज, संत निवृत्तीनाथ महाराज, संत ज्ञानदेव, संत मुक्ताबाई, संत एकनाथ महाराज, समर्थ रामदास स्वामी, संत तुकाराम महाराज इत्यादि संत अनेक शताब्दियां बीत जानेपर भी लोगों की स्मृतियों में बसे हैं; परंतु आजकल जो साहित्यकार अपने पुरस्कार वापस कर रहे हैं, उनके नाम कितने लोगों … Read more

अखिल भारतीय धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री श्री. जगजीतनजी पाण्डेय ने सपरिवार सनातन के वाराणसी आश्रम को दी भेंट

अखिल भारतीय धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री श्री. जगजीतनजी पाण्डेय ने सपरिवार सनातन के वाराणसी आश्रम को भेंट दी

देग, तेग एवं फतेह के लिए लडनेवाले : गुरु गोविंद सिंहजी

सत् के मार्ग पर जब कदम रख ही दिए हैं, तो पीछे नहीं हटना; प्रसंग आने पर सत् के लिए अपने प्राण भी न्यौछावर करना है । गुरु गोविंद सिंहजी सदा-सर्वदा ऐसे विचार करनेवाले थे । गुरु गोविंद सिंहजी ने जीवनभर क्षत्रिय धर्म निभाया । गुरु गोविंद सिंहजी बाल्यावस्था से ही अपने साथियों के साथ … Read more

श्रीराम की इच्छा बिना कुछ भी नहीं होता, इसकी साधकों को अनुभूति देनेवाले श्रीब्रह्मचैतन्य गोंदवलेकर महाराज !

श्रीब्रह्मचैतन्य गोंदवलेकर महाराजजी का जन्म माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी को (१९ फरवरी १८४५ को) सातारा जिले की माण तालुका गोंदवले बुद्रुक में हुआ । जन्म के समय उनका नाम गणपति रखा गया था । श्रीब्रह्मचैतन्य श्रीराम के उपासक थे । वे स्वयं को ब्रह्मचैतन्य रामदासी कहते थे ।

चरकसंहिता में गोमांस निषिद्ध ही है !

वैज्ञानिक पी.एम. भार्गव द्वारा गोमांस के विषय में किए गए वक्तव्य का प्रतिवाद वैज्ञानिक (?) पी.एम. भार्गव द्वारा किया गया वक्तव्य कि आयुर्वेद के अनुसार गोमांस अनेक व्याधियों पर समाधान !, यह वक्तव्य अर्धसत्य है । चरकसंहिता में गोमांस के गुणधर्म बताए गए हैं । १. प्राचीन समय में आयुर्वेद का अध्ययन करने से पूर्व … Read more

सनातन आश्रम, ऋषि-मुनियों का तपोस्थान !

सनातन के रामनाथी आश्रम का स्थान ऋषि-मुनियों का तपोस्थान है । मेरे आश्रम निवास में मुझे इसकी प्रतीती हो रही है । मेरे जीवन का यह काल, एक महान कार्य के लिए दिया गया है ।

टाटानगर के संत पू. विद्यानंद सरस्वतीजी का सनातन संस्था को सहयोग देने का आश्‍वासन

पू. (डॉ.) पिंगळेजीने २६.१०.१५ को टाटानगर में जूना आखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्री महंत विद्यानंद सरस्वती महाराजजी की भेंट ली । तब उन्होंने सनातन के कार्य को आशीर्वाद दिए ।

राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश में धर्मशिक्षा फलक एवं ग्रंथ प्रदर्शनी !

दादरी में आयोजित रामलीला तथा बीकानेर के श्री करणीमाता मंदिर में सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा धर्मप्रसार किया गया ।