संत मीराबाई, संत तुलसीदास, संत कालीदास, संत जनाबाई, संत नामदेव महाराज, संत निवृत्तीनाथ महाराज, संत ज्ञानदेव, संत मुक्ताबाई, संत एकनाथ महाराज, समर्थ रामदास स्वामी, संत तुकाराम महाराज इत्यादि संत अनेक शताब्दियां बीत जानेपर भी लोगों की स्मृतियों में बसे हैं; परंतु आजकल जो साहित्यकार अपने पुरस्कार वापस कर रहे हैं, उनके नाम कितने लोगों को ज्ञात हैं ? पुरस्कार लौटाने के उपरांत यह पता चलता है कि उन्हें पुरस्कार मिला था, और कालांतर में वे भुला दिए जाते हैं । – (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले (१५.११.२०१५)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की कृपा से वैद्यकीय व्यवसाय के माध्यम से किए साधना के...
घर की फर्श पर पडे दागों की स्वच्छता कैसे करेंगे ?
वेद और भारतीय तत्वज्ञान ही जगत् को शांति का मार्ग दिखा सकते हैं ! –...
केवल दर्शनमात्र से ही मनुष्य के पापों को नष्ट करनेवाली नर्मदामाता !
विश्वगुरु भारत द्वारा संपूर्ण संसार को दी गई अद्भुत अविष्कारों की देन !
वर्षा ऋतु में सात्त्विक और दैवी तत्त्व प्रक्षेपित करनेवाले वृक्ष लगाएं !