सनातन पर प्रतिबंध लगाने की मांग एक षड्यंत्र है – राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र

सनातन संस्था राजस्थान के नगरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऋषि परंपरा एवं साधना का संस्कार देने का अमूल्य कार्य कर रही है । विशेष रूप से सनातन संस्था का समाज एवं राष्ट्र के विकास में अभूतपूर्व योगदान है । कुछ राष्ट्रविरोधी एवं नास्तिक विचारों के संगठन शासन से संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित करने का निश्चय किया है, तो वह निश्चित पूर्ण होगा – स्वामी सर्वानंद सरस्वती

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने देहली के वसंतकुंज निवासी पू. स्वामी सर्वानंद सरस्वतीजी से भेंट की तथा समिति के कार्य के संदर्भ में जानकारी प्रदान की। साथ ही इस समय पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने स्वामीजी को सनातन के रामनाथी, गोवा आश्रम को भेंट देने का निमंत्रण दिया।

संत ज्ञानेश्‍वर की कालावधि में ‘सांपसीढी’ का खेल ‘मोक्षपट’ के रूप में पहचाना जाता था : प्रा. जेकॉब, डेन्मार्क

मोक्षपट के दोनों ही पट २० x २० इंच आकार के हैं एवं उसमें ५० चौकोन हैं। उसमें प्रथम घर ‘जनम’ का जब कि अंतिम घर ‘मोक्ष’ का है जिसकेद्वारा मनुष्य के जीवन की यात्रा दर्शाई गई है। मोक्षपट खेलने हेतु सांपसीढी के समान ही ६ कौडियों का उपयोग किया गया है।

भावपूर्ण दीपावली कैसे मनाएं ?

आइए, गुरुदेव द्वारा मन में प्रज्वलित राष्ट्र्र-धर्म के कार्य की ज्योति से अज्ञान के अंधकार में डूबे समाज को दिशा देने का कार्य करें !

हिंदुत्व एक सामर्थ्यशाली संस्कृती है : डेविड फ्रॉली, अमेरिकी वैदिक शिक्षक

पद्म भूषण से सम्मानित अमेरिकी वैदिक टीचर डेविड फ्रॉली भारत में पंडित वामदेव शास्त्री के नाम से भी जाने जाते हैं। उनके पास योग और वैदिक विज्ञान में डी-लिट की उपाधि है। वह वेद, हिंदुत्व, योग, आयुर्वेद और वैदिक ज्योतिषी पर कई पुस्तके लिख चुके हैं।

अनिष्ट शक्तीयों से बचना है तो स्वयं पर गौमूत्र छिडके : गुजरात गौ सेवा बोर्ड

गुजरात सरकारद्वारा बनाए गए गौसेवा और गौचर विकास बोर्डद्वारा गाय के फायदे बताते हुए कहा गया है कि, गौमूत्र ‘शैतान और ड्रेकुला’ जैसे अनिष्ट शक्तीयों से बचाने के लिए काम आता है।

अर्धनारीश्वर शिवलिंग : शिवलिंग के दोनों भागों के बीच अपनेआप घटती-बढती हैं दूरियां

इसे विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है, जहां शिवलिंग दो भागों में बंटा हुअा है। मां पार्वती और भगवान शिवजी के दो विभिन्न रूपों में बंटे शिवलिंग में ग्रहों और नक्षत्रों के परिवर्तन के अनुसार इनके दोनों भागों के मध्य का अंतर घटता-बढता रहता है।

मैं हूं… सनातन की ग्रंथसंपदा.. परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का धर्मदूत !

सनातन के रजत महोत्सव के निमित्त सनातन की ग्रंथसंपदा का अद्वितीयत्व दर्शानेवाला यह लेख…

सच्चिदानंद परब्रम्ह डॉ. जयंत आठवलेजी अद्वितीय कार्य एवं विशेषताओं का संक्षिप्त परिचय !

सच्चिदानंद परब्रम्ह डॉ. जयंत आठवलेजी ने व्यापक अध्यात्मप्रसार के लिए ‘सनातन संस्था’की स्थापना की । उन्होंने शीघ्र ईश्वरप्राप्ति के लिए ‘गुरुकृपायोग’ साधनामार्ग की निर्मिति की । इस विषय में अधिक जानकारी अवश्य पढें ।

अश्‍वमेधयाजी प.पू. नारायण (नाना) काळेगुरुजी के पार्थिव पर वेदमंत्रों के जयघोष में अग्निसंस्कार

अश्‍वमेधयाजी प.पू. नारायण (नाना) गोविंद काळेगुरुजी (आयु ८४ वर्ष ) ने दशहरे के शुभदिवस पर अर्थात ११ अक्तूबर को देहत्याग किया। तत्पश्चात आश्विन शुक्ल पक्ष एकादशी अर्थात १२ अक्तूबर को सवेरे चार वेदों के मंत्रघोष में उनके पार्थिव को मंत्राग्नि दी गई।