श्रीमद्भगवद्-गीता पर स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज से साक्षात्कार
शिक्षा भारतीय संस्कृति के अनुसार, गुरुकुल परम्परा के अनुसार होनी चाहिए । शिक्षा भी सत्ता के अधीन नहीं रहनी चाहिये तथा गुरु और शिक्षक कभी भी पेड सर्वेण्ट नहीं होने चाहिये । पूर्व में लोक और समाज द्वारा संधारित गुरुकुल चला करते थे ऐसे ही चलने चाहिए ।
