महर्षि की सीख एवं कार्य !
अनेक बार हमें लगने लगता है कि अकस्मात वातावरण में दबाव बढ गया है । अनेक बार हमारे चारों ओर नकारात्मक स्पंदन घूम रहे हैं, इसका बोध होने लगता है, साथ ही श्वास लेने में कुछ रुकावट आ रही है, ऐसा भी लगता है । इसके कारण कहीं हमपर कोई संकट तो नहीं आएगा, ऐसी चिंता निर्माण होती है । इसपर महर्षि ने उपाय बताया है । उन्होंने कहा है, जब ऐसा हो, तब चिंता न करें । तत्काल उस वास्तु के चारों ओर अथवा आश्रम के चारों ओर गेरू से रंगोली समान मंडल बनाएं । गेरू का मंडल बनाने पर आश्रम के चारों ओर एक लक्ष्मणरेखा ही निर्माण होगी और फिर कोई भी अनिष्ट शक्ति इसके भीतर प्रवेश नहीं कर पाएगी । प्रत्येक बुधवार को (प.पू. डॉक्टरजी का यह जन्मवार है; इसलिए महर्षि ने बुधवार कहा है ।) रामनाथी आश्रम में यह उपाय करें । (नवरात्रिके काल से रामनाथी आश्रम में यह उपाय आरंभ किया है ।) कष्ट बढ रहा है, ऐसा ध्यान में आने पर तुरंत उसी दिन यह उपाय कर सकते हैं ।
– (सद्गुरु) श्रीमती अंजली गाडगीळ, कांचीपुरम, तमिलनाडु. (१७.१०.२०१६, सवेरे ११.३०)

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