अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में रामनाथी के सनातन आश्रम में विविध धार्मिक विधियां संपन्न
अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में यहां के सनातन के आश्रम में विविध धार्मिक विधियां संपन्न हुआ । १४ मई से १८ मई तक आश्रम में अथर्ववेद का पारायण प्रारंभ हुआ ।
अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में यहां के सनातन के आश्रम में विविध धार्मिक विधियां संपन्न हुआ । १४ मई से १८ मई तक आश्रम में अथर्ववेद का पारायण प्रारंभ हुआ ।
राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए झंझावाती प्रवास जहां आरंभ हुई, वह स्थान ! झांसी, उत्तरप्रदेश में किला झांसी, उत्तरप्रदेश में यह किला राजा वीरसिंह जुदेव बुंदेल ने वर्ष १६१३ में बनाया था । राजा बुंदेल के राज्य की यह राजधानी थी । यह किला १५ … Read more
रायबाग (जनपद बेळगाव, कर्नाटक) में धर्मरथपर लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन बेळगाव, ३१ मई (संवाददाता) : धर्मप्रसार करने हेतु आज के दिन बेळगाव जनपद में सनातन का धर्मरक्ष विविध तहसीलों में निहित गांवों का भ्रमण कर रहा है । आज के दिन रायबाग में सनातन द्वारा प्रकाशित ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई … Read more
सनातन संस्था के साधक श्री. मनोज महाजन के नेतृत्व में आयोजित किए गए रद्दी संकलन अभियान में दो पाठशालाओं को प्राप्त हुई संस्कारक्षम भेंट ! पुणे, २९ मई – सनातन के ६३ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर के साधक श्री. मनोज महाजन के नेतृत्व में कोथरूड, कर्वेनगर, एरंडवणे तथा सिंहगढ मार्ग परिसर में ६ वर्ष रद्दी संकलन … Read more
परात्पर गुरु श्री श्री जयंत बाळाजी आठवलेजी के अमृतमहोत्सव के उपलक्ष्य में मैं उनके लिए निरोगी दीर्घायु का चिंतन करता हूं, साथ ही सनातन संस्था को भी शुभकामनाएं देता हूं। समाज को धर्मशिक्षा देने का सनातन संस्था का कार्य प्रशंसनीय है।
परात्पर गुरु श्री श्री जयंत बाळाजी आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो; इसके लिए उनके अमृतमहोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीराम सेना की ओर से १८ मई को ‘महामृत्युंजय याग’ एवं ‘श्रीराम तारक होम’ किए गए।
६ माह एलोपैथी की औषधियां लेकर भी अपचन दूर न होना पिछले १ वर्ष से मुझे अपचन की समस्या है । इस कारण पेट में वायु (गैस) होना, बहुत भूख लगना, अनावश्यक खाना, इस प्रकार के कष्ट होने लगे ।
प.पू. डॉक्टरजी परात्पर गुरु के सर्वाेच्चपद पर विराजमान हैं । इतनी उच्च स्थिति में होते हुए भी प.पू. डॉक्टरजी ने अपना शिष्यत्व बनाए रखा है । उनके अनेक कृत्यों से यह सीखने को मिलता है । इनमें से कुछ उदाहरण आगे दे रहे हैं । १. भेंट लेने आए संतों के सामने भी शिष्यभाव … Read more
‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के गुरु सन्त भक्तराज महाराजजी ने उनसे एक बार कहा था, ‘‘मेरे गुरु ने मुझे आशीर्वाद दिया था कि तू किताबों पर किताबें लिखेगा ।’ किन्तु मैं भजन का एक ही ग्रन्थ लिख पाया । वह आशीर्वाद मैं आपको देता हूं ।
बडे-बडे संतों की संस्थाआें की तुलना में सनातन संस्था को अत्यल्प लोग जानते हैं । यह है सनातन संस्था का स्थूल परिचय । सूक्ष्म स्तर पर सनातन की स्थिति यह है…