सेवा की लगन, निर्मलता, प्रेमभाव, ईश्वर के प्रति भाव इत्यादि गुणों से युक्त पुणे की सनातन की संत पू. (श्रीमती) प्रभा मराठेआजी (आयु ८० वर्ष ) !

सेवा की लगन, निर्मलता, प्रेमभाव, ईश्वर के प्रति भाव इत्यादि गुणों से युक्त पुणे की सनातन की संत पू. (श्रीमती) प्रभा मराठेआजी (आयु ८० वर्ष ) !

धर्मकार्य करनेवालों को साधना करना आवश्यक ! — सद्गुरु (कु.) अनुराधा वाडेकर

बांदोडा (गोवा) के हिन्दू राष्ट्र संगठक प्रशिक्षण तथा अधिवेशन में ‘साधना एवं व्यक्तित्व विकास’ इस विषय पर उद्बोधक सत्र बांदिवडे (गोवा), २१ जून — षष्ठ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के दूसरे चरण में १९ जून से यहां के श्री महालक्ष्मी मंदिर के सभागृह में हिन्दू राष्ट्र संगठक प्रशिक्षण तथा अधिवेशन आरंभ हुआ है । इस अधिवेशन … Read more

कारागृह से मुक्त हुए समीर गायकवाड का उनके घर औक्षण कर स्वागत !

घर आने पर श्री.समीर गायकवाड ने प्रथम श्रीकृष्ण की प्रतिमा को वंदन कर पुष्पहार समर्पित किया। तदुपरांत छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को पुष्पहार समर्पित किया।

कॉ. पानसरे हत्या प्रकरण : सनातन के साधक श्री. समीर गायकवाड कळंबा कारागृह से मुक्त !

• अभियोग की अगली सुनवाई १२ जुलाई को • कळंबा कारागृह से बाहर आनेपर श्री. समीर गायकवाड ने कहा, ‘‘ईश्‍वर की कृपा से मैं बाहर आया हूं, उचित समय आनेपर मुझे जो बोलना है, वह बोलूंगा !’’ कोल्हापुर (महाराष्ट्र) : कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में संदिग्ध अपराधी तथा सनातन के साधक श्री. समीर गायकवाड … Read more

हरियाली तीज

हरियाली तीज श्रावण के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है । इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला (बिना पानी के) व्रत रखती हैं।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की आदर्श जीवन पद्धति !

आश्रम में सैकडों साधक हैं तथा वे प.पू. डॉक्टरजी का प्रत्येक शब्द झेलने के लिए तैयार हैं । तब भी प.पू. डॉक्टरजी कभी किसी भी साधक को स्वयं के काम नहीं बताते । वे अपने सभी काम स्वयं ही करते हैं ।

उत्कट भाव से युक्त बेंगलुरु के धर्माभिमानी उमेश शर्मा का आध्यात्मिक स्तर घोषित हुआ ६४ प्रतिशत

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पूज्य डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने कहा, श्री शर्मा जब अपना मनोगत व्यक्त कर रहे थे, तब उसे सुनकर सबको शांति और आनंद की अनुभूति हुई । क्योंकि, उनका आध्यात्मिक स्तर ६४ प्रतिशत हो गया है ।

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए साधनारूपी ब्राह्मतेज आवश्यक – पू. नंदकुमार जाधव

‘हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए ब्राह्मतेज की आवश्यकता’ इस विषय पर अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के चतुर्थ दिवस के सत्र में मार्गदर्शन करते हुए पू. नंदकुमार जाधवजी बोले कि, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में ब्राह्मतेज अर्थात व्यक्तिगत और समष्टि साधना का महत्त्व है ।

देश के सर्व हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन सनातन संस्था के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें ! – ईश्‍वरप्रसाद खंडेलवाल

हिन्दुत्व का कार्य करनेवाले अनेक संगठन देश में हैं; परंतु यह कार्य करते समय साधना की नींव रखकर कार्य करनेवाली संस्था सनातन संस्था ही है । साधना करने पर क्या होता है, इसकी अनुभूति मैंने स्वयं ली है । इसलिए मैं दृढता से कह सकता हूं कि प्रत्येक को साधना करनी चाहिए । हिन्दुत्व पर … Read more

सनातन के हिन्दी ग्रंथ विकार-निर्मूलन के लिए नामजप भाग १, २ और ३ का प्रकाशन

इस अवसर पर सनातन के हिन्दी ग्रंथ विकार-निर्मूलन के लिए नामजप भाग १, २ और ३ का प्रकाशन साबरमती, कर्णावती, गुजरात के संत श्री आसारामजी बापू आश्रम की धर्मप्रचारिका साध्वी रेखा बहन, हिन्दूभूषण ह.भ.प. श्याम राठोड महाराज, शिवसेना के तमिलनाडु राज्य अध्यक्ष श्री. जी. राधाकृष्णन और सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक के … Read more