सहस्रों वर्षों के काल-पटल पर अपना प्रभाव अंकित करनेवाले अवतारी पुरुष !
साधारण व्यक्ति का जीवन पक्षियों की भांति होता है, ४ तिनकों से बनी गृहस्थी ! उनमें से भी जो व्यक्ति अपने स्वार्थ को त्याग कर समाज, राष्ट्र एवं धर्म हेतु अपना जीवन अर्पित करते हैं, वे विभूति कहलाते हैं । ऐसी अनेक विभूतियों को भारत मां ने अपनी गोद में खेलाया है । कुछ व्यक्ति सही समय पर अपने कार्य छाप अंकित कर, कीर्ति अर्जित करते हैं ।
