विश्वविख्यात भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस तथा संताे के द्वारा बताया गया भविष्य
फ्रान्स के सोलहवे शतक के (वर्ष १५०३-१५६६) महान भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस द्वारा किए गए अनेक भविष्यं आज वैज्ञानिकों के लिए रहस्य हुए हैं ।
फ्रान्स के सोलहवे शतक के (वर्ष १५०३-१५६६) महान भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस द्वारा किए गए अनेक भविष्यं आज वैज्ञानिकों के लिए रहस्य हुए हैं ।
विकासपुरी (देहली) यहां पर देहली, उत्तरप्रदेश के अलग-अलग ब्राह्मण संघों का एकत्रित महासंघ बनाने के लिए बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में सनातन संस्था को भी मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित किया गया था ।
वाराणसी में कुछ दिनों से हिन्दू देवताआें की मूर्तियां अपवित्र करने, हिन्दुआें के घरों पर आक्रमण करने, यात्राआें पर पथराव करने आदि की घटनाएं बढी हैं और यह सब धर्मांध लोग कर रहे हैं ।
वापी (गुजरात) यहां के संत पू. इंद्रवदन शुक्ल के करकमलों से २४ सितंबर को सनातन संस्था के गुजराती जालस्थल का उद्घाटन हुआ ।
वर्तमान में प्रत्येक क्षेत्र में, पश्चिमी संस्कृति ने अपना स्थान बना लिया है । वेशभूषा, आहार अथवा शिक्षा, सभी पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव दिखाई दे रहा है ।
भक्तियोग किसे कहते हैं, भक्तियोग इस साधना मार्ग की उत्पत्ति, उसकी विशेषताएं आदि के विषय में जाने एवं भक्त बनने के लिए क्या करना चाहिए ?
यहां की अधिवक्ता श्रीमती वैशाली गावंडे के निवासस्थान पर ब्रह्मलीन प.पू. स्वामी चिन्मयानंदजी की शिष्या तथा आचार्या चिन्मय मिशन, अकोला की प.पू. स्वामिनी मंगलानंदा के श्रीमत्भगवद्गीता सप्ताह का आयोजन किया गया था ।
सनातन संस्था के मिरज आश्रम में युवा साधक प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हुआ । उस समय अनावरण के समय सनातन संस्था की सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडये ने शिविर का उद्देश्य बताया ।
कर्करोग और हृदयरोग रोकनेवाले एन्टी-ऑक्सिडेन्ट नामक पदार्थ केवल बिना दूध की चाय में है । दूध चीनी मिलाकर उबली चाय आयुर्वेद शास्त्रानुसार अग्निमंद करनेवाली (भूख अल्प करने में सहायक) है ।
एल्युमिनियम अथवा हिंडालियम के बरतन शरीर के लिए हानिकारक है । भोजन बनाने के लिए मिट्टी के बरतनों का उपयोग करने से शरीर के लिए आवश्यक खनिज भोजन के माध्यम से मिलते हैं ।