कृषिभूमि पर अथवा घर में स्थित गमलों में बहुगुणी आयुर्वेदीय औषधियों का रोपण कर आगामी संकटकाल हेतु सिद्ध हो जाएं !

युद्धकाल में डॉक्टर तथा औषधियां उपलब्ध न होने से स्वास्थ्य संकट में पड सकता है । ऐसे समय अपने पास घरेलू औषधियां हों, तो उनका उपयोग किया जा सकता है । ऐसी औषधियां तत्काल उपलब्ध होने हेतु प्रत्येक को अपनी क्षमता के अनुसार वनौषधियों का रोपण करना चाहिए ।

भारत पर आए चीन व पाकिस्तान रूपी संकट से रक्षा के लिए पहले बताए गए मंत्र के स्थान पर यह मंत्र दिन में दो समय २१-२१ बार पढें !

नया मंत्र दिन में दो समय २१ बार पढना अथवा सुनना है । यह मंत्र २१ बार पढने या सुनने में लगभग ६ मिनट लगते हैं । अर्थात इस मंत्र को दो बार पढने एवं सुनने के लिए आपको प्रतिदिन १२ मिनट देना पडेगा ।

अकोला में दत्त जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की गई सनातन संस्था की ग्रंथ प्रदर्शनी को जोधपुर के भगवतभूषण राधाकृष्ण महाराज उपस्थित थे ।

अकोला यहां के श्री नाथ दत्त मंदिरमें आयोजित की गई सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी को भगवतभूषण राधाकृष्ण महाराज उपस्थित थे ।

वर्धा में ३१ दिसम्बर के विरोध में निवेदन

वर्धा के निवासी उपजनपदाधिकारी श्रीमती शहा तथा सहाय्यक पुलिस निरीक्षक ए.पी. खाडे को ३१ दिसम्बर को घटनेवाले अपप्रकार रोकने हेतु निवेदन प्रस्तुत किया गया ।

‘परात्पर गुरु डॉक्टरजी द्वारा बताए गए उपचार, संभावित संकटकाल में जीवित रहने हेतु प्रदान की गई संजीवनी ही है !’, इसे ध्यान में लेकर गंभीरता के साथ सभी उपचार कीजिए !

अतः साधकों की रक्षा हेतु सनातन प्रभात नियतकालिकों के माध्यम से गुरुदेवजी समय-समय पर विविध आध्यात्मिक उपचार बता रहे हैं । वास्तविक रूप से ये उपाय केवल ‘उपचार’ न होते हुए वर्तमान समय की ‘संजीवनी’ ही है ।

ठाणे में दत्तजयंति के उपलक्ष्य में सनातन संस्था द्वारा आयोजित की गई ग्रंथप्रदर्शनी को शिवसेना के संसद सदस्य श्री. श्रीकांत शिंदे जी उपस्थित !

यहां दत्तजयंति के उपलक्ष्य में विठ्ठल-सायंन्ना मंदिर में सनातन संस्था द्वारा आयोजित की गई ग्रंथप्रदर्शनी को नगरसेवक श्री. संजय वाघुले, शहर उपाध्यक्ष श्री. राजेश मढवी जी उपस्थित थे ।

भक्त को आश्‍वस्त करनेवाले भगवान श्रीकृष्ण के कुछ वचन

‘श्रीमद्भगवद्गीता से यह ज्ञान मिलता है कि ‘जीवन को कैसे जीना चाहिए और कैसे नहीं ।’ वह मार्ग से भटके लोगों का मार्गदर्शन करती है तथा दुःखी-पीडित लोगों को आश्‍वस्त करती है ।

हिन्दु युवकों को असीम वीरता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है ! – प्रसाद वडके, हिन्दु जनजागृति समिति

अपने वक्तव्य में श्री. प्रसाद वडके ने यह प्रतिपादित किया कि, ‘हिन्दु राष्ट्र एक सपना नहीं, तो संकल्प है । यह संकल्प साक्षात् भगवंत का है । हिन्दु युवकों ने साधना के द्वारा संगठन कर असीम वीरता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है ।

अमरावती में पृथक स्थानों पर सनातन प्रभात के वाचकों का मेलावा आयोजित

श्री. गिरीश कोमेरवार ने गुरुकृपायोगानुसार साधना का महत्त्व, साधना के मूलभुत स्तरों के संदर्भ में जानकारी दी । अंबा पेठ तथा साई नगर क्षेत्र में भी वाचकों के मेलावे संपन्न हुए । अमरावती शहर में संपन्न हुए तीन वाचक मेलावे में कुल मिलाकर ४० वाचक उपस्थित थे ।

हिन्दु आतंकवाद सिद्ध करने का विदेशी शक्तिओं का षडयंत्र ! – श्रीमती लक्ष्मी पै

हिन्दु धर्मजागृति सभा में उपस्थित मान्यवरों के हाथों परात्पर गुरू डॉ. जयंत आठवलेजी के छायाचित्रमय जीवनदर्शन इस कन्नड भाषा के ग्रंथ का लोकार्पण किया गया ।