वर्धा में ३१ दिसम्बर के विरोध में निवेदन
वर्धा के निवासी उपजनपदाधिकारी श्रीमती शहा तथा सहाय्यक पुलिस निरीक्षक ए.पी. खाडे को ३१ दिसम्बर को घटनेवाले अपप्रकार रोकने हेतु निवेदन प्रस्तुत किया गया ।
वर्धा के निवासी उपजनपदाधिकारी श्रीमती शहा तथा सहाय्यक पुलिस निरीक्षक ए.पी. खाडे को ३१ दिसम्बर को घटनेवाले अपप्रकार रोकने हेतु निवेदन प्रस्तुत किया गया ।
यहां दत्तजयंति के उपलक्ष्य में विठ्ठल-सायंन्ना मंदिर में सनातन संस्था द्वारा आयोजित की गई ग्रंथप्रदर्शनी को नगरसेवक श्री. संजय वाघुले, शहर उपाध्यक्ष श्री. राजेश मढवी जी उपस्थित थे ।
‘श्रीमद्भगवद्गीता से यह ज्ञान मिलता है कि ‘जीवन को कैसे जीना चाहिए और कैसे नहीं ।’ वह मार्ग से भटके लोगों का मार्गदर्शन करती है तथा दुःखी-पीडित लोगों को आश्वस्त करती है ।
अपने वक्तव्य में श्री. प्रसाद वडके ने यह प्रतिपादित किया कि, ‘हिन्दु राष्ट्र एक सपना नहीं, तो संकल्प है । यह संकल्प साक्षात् भगवंत का है । हिन्दु युवकों ने साधना के द्वारा संगठन कर असीम वीरता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है ।
श्री. गिरीश कोमेरवार ने गुरुकृपायोगानुसार साधना का महत्त्व, साधना के मूलभुत स्तरों के संदर्भ में जानकारी दी । अंबा पेठ तथा साई नगर क्षेत्र में भी वाचकों के मेलावे संपन्न हुए । अमरावती शहर में संपन्न हुए तीन वाचक मेलावे में कुल मिलाकर ४० वाचक उपस्थित थे ।
हिन्दु धर्मजागृति सभा में उपस्थित मान्यवरों के हाथों परात्पर गुरू डॉ. जयंत आठवलेजी के छायाचित्रमय जीवनदर्शन इस कन्नड भाषा के ग्रंथ का लोकार्पण किया गया ।
गीता जयंती के उपलक्ष्य में भारतीश्रीपीठ की ओर से १९ से २६ नवम्बर की कालावधी में देहली के सर्वेश्वर मंदिर भारतीश्रीपीठम् में गीता ज्ञान यज्ञ साधना सप्ताह का आयोजित किया गया था ।
दत्तजयंती के उपलक्ष्य में मुंबई तथा आसपास के परिसर में सनातन संस्था की ओर से आयोजित की गई ग्रंथप्रदर्शनी को पृथक मान्यवरों ने भ्रमण कर ग्रंथप्रदर्शनी का लाभ लिया ।
अपेक्षारहित, अंतर्बाह्य शुद्ध, सभी कर्मों के आरंभ में ही कर्तापन का त्याग किया हुआ, ऐसा भक्त ईश्वर को प्रिय होता है ।