वाहिनी पर प्रदर्शित होनेवाली धार्मिक मालिकाओं के संगीत में सात्त्विकता तथा पंडित जसराज द्वारा गाए आलापों के संदर्भ में साधक को प्राप्त ज्ञान !

लगभग ४-५ वर्ष पूर्व मैंने ‘देवों के देव महादेव’ नामक धारावाहिक की कुछ कडियां देखी थीं । उसमें बीच-बीच में पंडित जसराज के विशेषता से परिपूर्ण आलाप सुने । तत्पश्चात् मुझे उसका विस्मरण हुआ था;किंतु ४ माह पूर्व मुझे नींद में पंडित जसराज के आलाप लगातार सुनाई देने लगे ।

सनातन संस्था, सनातन की सीख तथा उत्तरदायी साधकों के संदर्भ में विकल्प फैलानेवालों से सावधान रहें !

‘एक शहर में पहले सनातन के मार्गदर्शनानुसार साधना करनेवाले; किन्तु वर्तमान में विकल्प के कारण सनातन से दूर गए कुछ लोग सनातन संस्था, सनातन की सीख तथा उत्तरदायी साधकों के संदर्भ में विकल्प फैला रहे हैं ।

ब्रह्मपुर (बर्‍हाणपूर) में शिवजयंति के कार्यक्रम में सनातन संस्था सम्मिलित

यहां के मराठा समाज मंडल, शिवाजीनगर की ओर से तिथीनुसार उत्सव का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम के लिए प्रमुख वक्ता उज्जैन के पूर्व संघप्रचारक श्री. आशिष शुक्ल, सनातन की साधिका श्रीमती विमल कदवाने, कु. साक्षी शिंदे, चि. नकुल शिंदे के साथ मंडल के अध्यक्ष श्री. मधुकर कदम, श्री. दिलीप दिवेकर तथा कार्यकर्ता अधिक संख्या में उपस्थित थे ।

रंगपंचमी की कालावधी में होनेवाले अपप्रकारों के विरुद्ध जनजागृति; सनातन संस्था द्वारा प्रशासन को निवेदन प्रस्तुत

हिन्दू जनजागृति समिति के नेतृत्व में मिरज के नायब तहसीलदार वी.वी. पिलारे को निवेदन प्रस्तुत किया गया । निवेदन द्वारा यह मांग की गई कि, ‘गत कुछ वर्षों से रंगपंचमी का कारण आगे कर नशीली पदार्थों का सेवन करने के लिए रेव पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है ।

धमतरी (छत्तीसगड) : धर्मजागर समन्वय विभाग द्वारा आयोजित धर्मसभा में सनातन संस्था का उत्स्फूर्त सहभाग !

श्रीमती क्षिप्रा जुवेकर ने यह प्रतिपादित किया कि, ‘१०० करोड हिन्दुओं के देश मे हिन्दुओं की भावनाओं को कुछ भी महत्त्व न होने के कारण हिन्दु धर्म पर पृथक संकट आ रहे हैं । गोहत्या, लव जिहाद, आतंकवाद के समान समस्याओं के कारण हिन्दुओं की अवस्था बिकट हुई है ।

सनातन के आश्रमों के नवीकरण से संबंधित निर्माण कार्य की सेवाआें के लिए निम्न ‘सेफ्टी इक्विपमेंटस्’ (सुरक्षा उपकरण) देकर राष्ट्र-धर्म के कार्य के लिए सहायता करें !

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति हेतु प्रतिबद्ध रहकर प्रभावशाली कार्य करनेवाली सनातन संस्था एकमात्र संगठन है । विविध स्थानोंपर सनातन संस्था के आश्रम तथा सेवाकेंद्र हैं । उनका नए सिरे से निर्माण कार्य, साथ ही नवीकरण चल रहा है ।

धर्म की रक्षा करना भी धर्माचरण ही है ! – श्री. चेतन राजहंस, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

‘सुख का मूल धर्म के आचरण में है तथा धर्म का आचरण करने के साथ उसकी रक्षा करने के प्रयास करना भी धर्माचरण ही है । धर्म यह कहता हैै कि, मनुष्यजन्म की सार्थकता ईश्वरप्राप्ती में है; इसलिए हमें ईश्वरप्राप्ती के लिए प्रतिदिन साधना करनी चाहिए ।’

नगर में धर्मरथ में आयोजित सनातन की प्रदर्शनी का भाजपा सांसद दिलीप गांधी द्वारा अवलोकन

चैतन्य के स्त्रोत, सनातन के अमूल्य तथा भावस्पर्शी ग्रंथ एवं सनातन की सात्त्विक उत्पादों का धर्मरथ ३ मार्च को गांधी मैदान में आया था । इस धर्मरथ का अवलोकन भारतीय जनता दल के सांसद श्री. दिलीप गांधी, नगरसेवक सुवेंद्र गांधी, नितीन शेलार, भैया गंधे, भाजपा व्यापारी आघाडी मोर्चा शहर जिलाध्यक्ष अविनाश साखळे ने किया ।

सनातन आश्रम में दत्तमाला के मंत्र जपते समय आश्रम परिसर में हुआ वैशिष्ट्यपूर्ण प्राकृतिक परिवर्तन

दत्तमाला मंत्र’ का पाठ प्रारंभ करने पर सनातन आश्रम के परिसर में गूलर के ५८ पौधे उगना और ये पौधे अर्थात प.पू. डॉक्टरजी के आसपास सुरक्षा-कवच निर्माण होने का द्योतक है, ऐसा योगतज्ञ दादाजी वैशंपायनजी ने बताया

पुुणे में सनातन संस्थाद्वारा खडकवासला जलाशय रक्षा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न !

हिन्दू संस्कृति में निहित प्रत्येक त्योहार, उत्सव और व्रत पर्यावरणपूरक तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए पोषक हैं; परंतु सर्वसामान्य लोगों को त्योहार-उत्सवों का धर्मशास्त्र ज्ञात न होने से इन उत्सवों में अप्रिय घटनाआें की घुसपैट होने का दिखाई देता है ।