धर्म की रक्षा करना भी धर्माचरण ही है ! – श्री. चेतन राजहंस, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

धर्मप्रेमी ग्रामस्थों को मार्गदर्शन करते हुए बाएं से श्री. चेतन राजहंस तथा श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी

सौंधी, महाराजगंज (उत्तरप्रदेश) – यहां के ग्रामस्थ श्री. कृष्णकुमार यादव द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में सनातन संस्थेचे राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस मार्गदर्शन कर रहे थे । अपने मार्गदर्शन में उन्होंने यह बताया कि, ‘सुख का मूल धर्म के आचरण में है तथा धर्म का आचरण करने के साथ उसकी रक्षा करने के प्रयास करना भी धर्माचरण ही है । धर्म यह कहता हैै कि, मनुष्यजन्म की सार्थकता ईश्वरप्राप्ती में है; इसलिए हमें ईश्वरप्राप्ती के लिए प्रतिदिन साधना करनी चाहिए ।’ उस समय हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तरप्रदेश -बिहार के समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी भी उपस्थित थे ।

उस समय श्री. राजहंस ने ‘कुमकुम धारण करना, कुलदेवता की उपासना, ग्रामदेवता का दर्शन, पितृपक्ष मे श्राद्धविधी करना इत्यादि धर्माचरण की कृती सीखाने के साथ मंदिरों की रक्षा, लव जिहाद से हिन्दु युवतियों की रक्षा, धर्मांतरण से निर्धन हिन्दुओं की रक्षा तथा जिहादी आतंकवादियों से गांव की रक्षा’, इस पृथक विषयों पर मार्गदर्शन किया । इस प्रवचन से पूर्व श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी ने समिति का धर्मकार्य तथा कार्य में ग्रामस्थों का सहकार्य इस संदर्भ मे मार्गदर्शन किया ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभा