चुनावों को सामने रखकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए सनातन का विरोध किया जा रहा है ! – संजय केळकर, विधायक, भाजपा
सनातन का कार्य बहुत अच्छा है । चुनावों को सामने रखकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोग सनातन का विरोध कर रहे हैं ।
सनातन का कार्य बहुत अच्छा है । चुनावों को सामने रखकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोग सनातन का विरोध कर रहे हैं ।
राजनेताआें को राष्ट्र की आध्यात्मिक तथा नैतिक उन्नति के लिए संतों से मार्गदर्शन लेना आवश्यक है । राष्ट्रहित के लिए कौन सी व्यवस्था, कानून तथा धर्म आवश्यक है, यह केवल संत ही बता सकते हैं तथा वे ही राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं ।
मुंबई में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से आयोजित हिन्दू राष्ट्र संगठक प्रशिक्षण कार्यशाला ! आत्मबल बढाने के लिए तथा ईश्वरप्राप्ति के लिए साधना आवश्यक है । जीवन में कभी-कभी अपेक्षित प्रयास कर भी सफलता नहीं मिलती । दुख के पीछे आध्यात्मिक कारण होता है, यह मनुष्य के ध्यान में नहीं आता । उसके लिए … Read more
सनातन संस्थापर प्रतिबंध लगाने की मांग के विरुद्ध ४ सितंबर को यहां फेरी निकाली गई । जिलाधिकारी कार्यालय के पास इस फेरी का समापन होेनेपर वहां की गई सभा में वे ऐसा बोल रही थीं ।
समाजसहायता तथा राष्ट्रहित का कार्य करनेवाली सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति तथा अन्य समविचारी संगठनों को झूठे प्रकरणों में फंसाकर उनपर प्रतिबंध लगाने के षड्यंत्र के विरुद्ध यह आंदोलन चलाया गया ।
जनपदमंत्री तथा भाजपा नेता श्री. मदनभाऊ येरावारजी को सनातन संस्थापर प्रतिबंध लगाने की की जा रही मांग के विरुद्ध हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से निवेदन सौंपा गया । तब उन्होंने सनातन संस्थापर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, इन शब्दों में कार्यकर्ताआें को आश्वस्त वस्त किया ।
अपने धर्मग्रंथों के अनुसार मानव का विकास संस्कृति की दिशा में होना चाहिए न कि विकृति की दिशा में ।
माहिम मतदार संघ के विधायक श्री सदा सरवणकर ने कहा कि, सनातन के समर्थन में ,शिवसेना आपके साथ दृढता से खडी हैं ।
सनातन संस्था गोवा की संस्कृति के लिए पूरक कार्य कर रही है । हिन्दू संस्कृति का पालन तथा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना आदि हिन्दुओंकी इच्छापूर्ति के लिए सनातन संस्था प्रयासरत है ।
शिवसेना के विधायक श्री अजय चौधरी ने अपना मत व्यक्त करते हुए कहा कि, सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की जो मांग की जा रही है, उसके संबंध में मैं जानता हूं ।